ग्वालियर। आर्थिक रूप से कमजोर, जरूरतमंद व निराश्रित परिवारों की बेटियों के विवाह कराने के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह व निकाह योजना के तहत राज्य शासन द्वारा मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिये तिथियों का निर्धारण किया गया है। इन तिथियों में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026, देवउठनी ग्यारस (तुलसी विवाह) 20 नवंबर 2026, बसंत पंचमी 11 फरवरी 2027 शामिल हैं। साथ ही एक अन्य तिथि स्थानीय मांग और कलेक्टर के निर्णय अनुसार निर्धारित की जा सकती है। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 में पक्ष 44 हजार से अधिक विवाह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पर राज्य सरकार 242 करोड़ से अधिक राशि व्यय करेगी। कलेक्टर रुचिका चौहान ने संबंधित अधिकारियों को राज्य शासन द्वारा निर्धारित तिथियों में सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित कर जरूरतमंदों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं।
राज्य शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाय योजना के प्रभावी, व्यवस्थित और गरिमापूर्ण ढंग से आयोजन के लिए विभाग द्वारा सामूहिक विवाह समारोह में भाग लेने वाले जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 और अधिकतम संख्या 200 निर्धारित की गई है। प्रदेश के 55 जिलों में इन अवसरों पर 800 जोड़े यानि 44 हजार जोड़ों का विवाह संभव हो सकेगा। वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 51 हजार 899 मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना तथा 28 हजार 362 मुख्यमंत्री निकाह कराए हैं। इन हितग्राहियों से 321 करोड़ 41 लाख 58 हजार की सहायता प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह व निकाह योजना में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन कराया जा सकता है। योजना में 49 हजार रूपये की राशि कन्या के बैंक खाते में तथा 6 हजार रूपये की राशि आयोजन समिति को दिए जाते हैं। इस प्रकार कुल 55 हजार रूपये प्रति विवाह पर सरकार खर्च करती है।है।
