जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी को उबरने में मदद देने की घोषणा, अगले ढाई साल में प्रदेश की 100 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को बनाएंगे सिंचित,कृषि से एग्री-टेक और फूड प्रोसेसिंग तक नई दिशा की ओर बढ़ रहा मप्र, इस मौके पर 200 नए पैक्स कार्यालयों और अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा ग्वालियर का भी शुभारंभ हुआ
ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिसके हाथ में हल है, वही इस देश का असली बल है। उन्होंने किसानों के पसीने को मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का “फ्यूल” बताते हुए कहा कि सरकार खेत से लेकर खातों तक और बीज से लेकर बाजार तक हर कदम पर प्रदेश के किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बलराम, बल के देवता ही नहीं, श्रम के सम्मान और कृषि गौरव के जीवंत प्रतीक हैं। हलधर के रूप में उन्होंने देश में खेती-किसानी को विस्तार दिया और इसे लोककल्याण का माध्यम भी बनाया। मुख्यमंत्री यादव बुधवार को हलषष्ठी के मौके पर ग्वालियर में आयोजित बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां बड़ी संख्या में मौजूद किसानों और अन्नदाताओं को बलराम जयंती की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री यादव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बलराम जयंती हमारे खेतों की हरियाली और किसानों की समृद्धि का पुनीत उत्सव है। आयोजकों ने मुख्यमंत्री को खेती-किसानी के पुण्य प्रतीक के रूप में हल भेंट किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी को अपनी वर्तमान अवस्था से उबरने के लिए शासन की ओर से जरूरी मदद देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण से जुड़े चार महत्वपूर्ण कार्यों का शुभारंभ भी किया। उन्होंने सिंगल क्लिक से ऑन-लाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल से किसान अब घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। इस अवसर पर शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण योजना के सरलीकरण का भी शुभारंभ हुआ। इसके तहत खरीफ और रबी कृषि ऋण की अलग-अलग अदायगी की बाध्यता समाप्त करते हुए किसानों को अपनी सुविधा के अनुसार 12 माह में ऋण चुकाने की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री ने किसान कृषक कवच योजना का भी शुभारंभ किया। इस योजना में ऐसे किसानों को भी ऋण और शासकीय योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिनके खातों की जांच लंबित होने से वे अब तक शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित थे।
मुख्यमंत्री ने गांवों में सहकारिता गतिविधियों को मजबूत करने के लिए 200 नई पैक्स संस्थाओं के कार्यालयों का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने अपेक्स बैंक की ग्वालियर में संभागीय शाखा का शुभारंभ भी इस मौके पर किया।
ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिसके हाथ में हल है, वही इस देश का असली बल है। उन्होंने किसानों के पसीने को मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का “फ्यूल” बताते हुए कहा कि सरकार खेत से लेकर खातों तक और बीज से लेकर बाजार तक हर कदम पर प्रदेश के किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बलराम, बल के देवता ही नहीं, श्रम के सम्मान और कृषि गौरव के जीवंत प्रतीक हैं। हलधर के रूप में उन्होंने देश में खेती-किसानी को विस्तार दिया और इसे लोककल्याण का माध्यम भी बनाया। मुख्यमंत्री यादव बुधवार को हलषष्ठी के मौके पर ग्वालियर में आयोजित बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां बड़ी संख्या में मौजूद किसानों और अन्नदाताओं को बलराम जयंती की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री यादव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बलराम जयंती हमारे खेतों की हरियाली और किसानों की समृद्धि का पुनीत उत्सव है। आयोजकों ने मुख्यमंत्री को खेती-किसानी के पुण्य प्रतीक के रूप में हल भेंट किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी को अपनी वर्तमान अवस्था से उबरने के लिए शासन की ओर से जरूरी मदद देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण से जुड़े चार महत्वपूर्ण कार्यों का शुभारंभ भी किया। उन्होंने सिंगल क्लिक से ऑन-लाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल से किसान अब घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। इस अवसर पर शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण योजना के सरलीकरण का भी शुभारंभ हुआ। इसके तहत खरीफ और रबी कृषि ऋण की अलग-अलग अदायगी की बाध्यता समाप्त करते हुए किसानों को अपनी सुविधा के अनुसार 12 माह में ऋण चुकाने की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री ने किसान कृषक कवच योजना का भी शुभारंभ किया। इस योजना में ऐसे किसानों को भी ऋण और शासकीय योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिनके खातों की जांच लंबित होने से वे अब तक शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित थे।
मुख्यमंत्री ने गांवों में सहकारिता गतिविधियों को मजबूत करने के लिए 200 नई पैक्स संस्थाओं के कार्यालयों का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने अपेक्स बैंक की ग्वालियर में संभागीय शाखा का शुभारंभ भी इस मौके पर किया।
किसानों से मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बीज से बाजार तक और खेत से निर्यात तक किसान की पूरी यात्रा को मजबूत कर रही है। उन्होंने मध्यप्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की मंशा व्यक्त करते हुए कहा कि हम प्रदेश को देश की मिल्क कैपिटल बनायेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर ब्लॉक में एक वृंदावन ग्राम विकसित किया जा रहा है और चारा अनुदान 20 से बढ़ाकर 40 रुपये किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि हमारी विरासत है, एग्री-टेक और एग्री-बिजनेस हमारा भविष्य है। प्रदेश में तकनीक, प्रसंस्करण और बाजार के माध्यम से नई कृषि क्रांति लाई जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यानिकी, जैविक खेती, मत्स्य पालन और नई फसलों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों से पानी की हर बूंद का सदुपयोग करने, प्राकृतिक खेती अपनाने, उत्पादन की ग्रेडिंग-प्रोसेसिंग-पैकेजिंग कर सीधे बाजार से जुड़ने, फसल विविधीकरण अपनाने और युवाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़ने की अपील की।
डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बलराम ने कृषि को प्रकृति के साथ जोड़कर स्वावलंबन का नया अध्याय शुरू किया था। भारतीय संस्कृति में खेती को सर्वोत्तम माना है। खेती से प्रकृति समृद्ध होती है और मनुष्य को अनाज मिलता है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने चार श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण का संकल्प लिया है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों बराबर सम्मान रखते हैं। अन्नदाता अपने अथक परिश्रम से देश को समृद्ध बनाता है। राज्य सरकार खेतों से लेकर खातों तक किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली मिलेगी। मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बना है।
आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से किसान होंगे समृद्ध: सिंधिया
केंद्रीय दूरसंचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान राष्ट्र है। आज भगवान बलराम की जयंती पर महोत्सव ग्वालियर में हो रहा है। यहां सहकारिता सम्मेलन का भी आयोजन हो रहा है। सहकारिता से देशभर के किसानों को लाभ मिल रहा है।किसानों का सम्मान ग्वालियर अंचल की विरासत रही है। ग्वालियर-चंबल में बने बांध और जलाशयों से खेती समृद्ध हो रही है। श्योपुर क्षेत्र को नैरोगेज रेल लाइन से जोड़ा गया ताकि किसान ग्वालियर में अपना अनाज बेच पाएं। अब इस रेलवे लाइन को ब्रॉड गेज करने पर तेजी से काम हो रहा है। बहुत जल्द यह लाइन ग्वालियर से कोटा तक पहुंचेगी। अक्षय ऊर्जा भविष्य में किसानों को समृद्ध बनाएगी। भगवान बलराम का नाम शंकरषण भी था। भगवान ने नंद और वासुदेव जी के परिवार को एक किया था। उन्होंने हल से बनी रेखाओं के माध्यम से समाज को संगठित होने का संदेश दिया था। पीएम मोदी ने ड्रोन जैसी अन्य आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से किसानों को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है। हमारे किसान अन्न उगाते हैं, तभी देशवासियों को अनाज मिलता है। प्रदेश के किसानों को किसान सम्मान निधि के रूप में प्रतिवर्ष 12 हजार रुपए मिलते हैं। इस योजना से अब तक पौने 5 लाख करोड़ रुपए किसानों के खातों में पहुंचे हैं। प्रदेश में अब 60 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंचाई का रकबा 100 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश गेहूं उत्पादन में पंजाब से आगे निकल गया है।किसानों को माइक्रो एटीएम मिलेगा, कृषक कवच योजना का लाभ मिलेगा, नवीन पंजीकृत 200 पैक्स समितियों को कार्यालय मिले हैं।
किसान समृद्ध होंगे तो देश भी समृद्ध होगा: तोमर
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर में लगभग 20 वर्षों से भगवान बलराम जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री यादव ने प्रदेश के सभी जिलों में बलराम जयंती मनाने की शुरुआत की है। किसान समृद्ध होंगे, तो देश समृद्ध होगा। सहकारिता के माध्यम से भी किसान भाइयों को लाभ दिया जा रहा है। खेती में पहले कभी पंजाब और हरियाणा को अग्रणी माना जाता था, लेकिन अब मध्यप्रदेश खेती में नंबर एक राज्य बन गया है। देश में पहली बार किसानों को शून्य ब्याज दर पर ऋण मध्यप्रदेश सरकार ने दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में किसानों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। पीएम मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में जैविक खेती का दायरा निरंतर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश जैविक खेती के मामले में भी देश का नंबर 1 प्रदेश है।
प्रदेश सरकार ने जनकल्याण की अवधारणा को साकार किया"
खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि राज्य सरकार ने विकास और जनकल्याण की अवधारणा को स्थापित किया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सहकारिता विभाग के माध्यम से मध्यप्रदेश के किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर एग्रीकल्चर लोन मिल रहा है। सहकारिता के माध्यम से किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलवाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले अपेक्स बैंक अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने स्वागत उदबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धरती पुत्र भगवान बलराम की जयंती को भव्य रूप में मनाने की शुरुआत की है। बलराम जयंती प्रदेश के किसानों के लिए गहरी आस्था का विषय है। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष में प्रदेशभर में अब तक 22 जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा चुके हैं। मध्यप्रदेश, किसान कल्याण, नारी कल्याण, युवाओं और गरीब कल्याण के क्षेत्र में औरों से कई आगे बढ़कर काम कर रहा है। उन्होंने पैक्स से जुड़े क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए बीमा कवर की राशि बढ़ाने सहित क्षेत्र के विकास के लिए अन्य महत्वपूर्ण मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।
किसानों को किया पुरस्कृत और हितलाभ भी वितरित किए
मुख्यमंत्री यादव ने ग्वालियर में आयोजित हुए राज्य स्तरीय “बलराम जयंती महोत्सव” एवं किसान समागम में विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं के तहत किसानों को प्रतीक स्वरूप हितलाभ वितरित किए। उन्होंने ग्वालियर जिले की प्राथमिक दुग्ध सहकारी समिति दुबहा टांका को माइक्रो एटीएम प्रदान किया। साथ ही नंदलाल बाल कल्याण समिति की ओर से उन्नत पशुपालन के लिये ग्वालियर जिले के किसान मोहन सिंह गुर्जर को मुख्यमंत्री गौ वर्धन पुरस्कार के तहत 5100 रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मुख्य मंच से इसके अलावा 18 हितग्राहियों को किसान हितैषी विभिन्न योजनाओं में सम्मानित किया गया व आर्थिक सहायता वितरित की गई। प्रदेश के तीन उत्कृष्ट जिला सहकारी बैंको को इस अवसर पर पुरस्कृत किया। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक खरगोन को प्रथम, विदिशा को द्वितीय एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक देवास को तृतीय स्थान का प्रमाण-पत्र व नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।
आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से किसान होंगे समृद्ध: सिंधिया
केंद्रीय दूरसंचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान राष्ट्र है। आज भगवान बलराम की जयंती पर महोत्सव ग्वालियर में हो रहा है। यहां सहकारिता सम्मेलन का भी आयोजन हो रहा है। सहकारिता से देशभर के किसानों को लाभ मिल रहा है।किसानों का सम्मान ग्वालियर अंचल की विरासत रही है। ग्वालियर-चंबल में बने बांध और जलाशयों से खेती समृद्ध हो रही है। श्योपुर क्षेत्र को नैरोगेज रेल लाइन से जोड़ा गया ताकि किसान ग्वालियर में अपना अनाज बेच पाएं। अब इस रेलवे लाइन को ब्रॉड गेज करने पर तेजी से काम हो रहा है। बहुत जल्द यह लाइन ग्वालियर से कोटा तक पहुंचेगी। अक्षय ऊर्जा भविष्य में किसानों को समृद्ध बनाएगी। भगवान बलराम का नाम शंकरषण भी था। भगवान ने नंद और वासुदेव जी के परिवार को एक किया था। उन्होंने हल से बनी रेखाओं के माध्यम से समाज को संगठित होने का संदेश दिया था। पीएम मोदी ने ड्रोन जैसी अन्य आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से किसानों को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है। हमारे किसान अन्न उगाते हैं, तभी देशवासियों को अनाज मिलता है। प्रदेश के किसानों को किसान सम्मान निधि के रूप में प्रतिवर्ष 12 हजार रुपए मिलते हैं। इस योजना से अब तक पौने 5 लाख करोड़ रुपए किसानों के खातों में पहुंचे हैं। प्रदेश में अब 60 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंचाई का रकबा 100 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। मध्यप्रदेश गेहूं उत्पादन में पंजाब से आगे निकल गया है।किसानों को माइक्रो एटीएम मिलेगा, कृषक कवच योजना का लाभ मिलेगा, नवीन पंजीकृत 200 पैक्स समितियों को कार्यालय मिले हैं।
किसान समृद्ध होंगे तो देश भी समृद्ध होगा: तोमर
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर में लगभग 20 वर्षों से भगवान बलराम जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री यादव ने प्रदेश के सभी जिलों में बलराम जयंती मनाने की शुरुआत की है। किसान समृद्ध होंगे, तो देश समृद्ध होगा। सहकारिता के माध्यम से भी किसान भाइयों को लाभ दिया जा रहा है। खेती में पहले कभी पंजाब और हरियाणा को अग्रणी माना जाता था, लेकिन अब मध्यप्रदेश खेती में नंबर एक राज्य बन गया है। देश में पहली बार किसानों को शून्य ब्याज दर पर ऋण मध्यप्रदेश सरकार ने दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में किसानों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। पीएम मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में जैविक खेती का दायरा निरंतर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश जैविक खेती के मामले में भी देश का नंबर 1 प्रदेश है।
प्रदेश सरकार ने जनकल्याण की अवधारणा को साकार किया"
खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि राज्य सरकार ने विकास और जनकल्याण की अवधारणा को स्थापित किया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सहकारिता विभाग के माध्यम से मध्यप्रदेश के किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर एग्रीकल्चर लोन मिल रहा है। सहकारिता के माध्यम से किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलवाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले अपेक्स बैंक अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने स्वागत उदबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धरती पुत्र भगवान बलराम की जयंती को भव्य रूप में मनाने की शुरुआत की है। बलराम जयंती प्रदेश के किसानों के लिए गहरी आस्था का विषय है। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष में प्रदेशभर में अब तक 22 जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा चुके हैं। मध्यप्रदेश, किसान कल्याण, नारी कल्याण, युवाओं और गरीब कल्याण के क्षेत्र में औरों से कई आगे बढ़कर काम कर रहा है। उन्होंने पैक्स से जुड़े क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए बीमा कवर की राशि बढ़ाने सहित क्षेत्र के विकास के लिए अन्य महत्वपूर्ण मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।
किसानों को किया पुरस्कृत और हितलाभ भी वितरित किए
मुख्यमंत्री यादव ने ग्वालियर में आयोजित हुए राज्य स्तरीय “बलराम जयंती महोत्सव” एवं किसान समागम में विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं के तहत किसानों को प्रतीक स्वरूप हितलाभ वितरित किए। उन्होंने ग्वालियर जिले की प्राथमिक दुग्ध सहकारी समिति दुबहा टांका को माइक्रो एटीएम प्रदान किया। साथ ही नंदलाल बाल कल्याण समिति की ओर से उन्नत पशुपालन के लिये ग्वालियर जिले के किसान मोहन सिंह गुर्जर को मुख्यमंत्री गौ वर्धन पुरस्कार के तहत 5100 रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मुख्य मंच से इसके अलावा 18 हितग्राहियों को किसान हितैषी विभिन्न योजनाओं में सम्मानित किया गया व आर्थिक सहायता वितरित की गई। प्रदेश के तीन उत्कृष्ट जिला सहकारी बैंको को इस अवसर पर पुरस्कृत किया। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक खरगोन को प्रथम, विदिशा को द्वितीय एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक देवास को तृतीय स्थान का प्रमाण-पत्र व नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।
