भोपाल। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन न्यायिक अधोसंरचना को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए शुक्रवार को लगभग 18.66 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले न्यायाधीश अतिथि गृह का भूमि-पूजन एवं शिलान्यास किया।
यह न्यायाधीश अतिथि गृह लगभग 1.947 एकड़ भूमि क्षेत्र में निर्मित किया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह भवन जी+1 (भूतल एवं प्रथम तल) संरचना में प्रस्तावित है। अतिथि गृह में न्यायाधीशों के ठहरने के लिए आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया जाएगा। न्यायाधीश अतिथि गृह के निर्माण से विभिन्न न्यायालयों एवं न्यायिक संस्थानों से उज्जैन आने वाले न्यायाधीशों को बेहतर एवं सर्वसुविधायुक्त आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी।
समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को श्री महाकालेश्वर मंदिर की प्रतिकृति भेंट की एवं जिला अभिभाषक संघ द्वारा समारोह में आये सभी न्यायाधीशों को भगवान श्री महाकालेश्वर का छायाचित्र भेंट किया गया।
भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीशगण, जिला कोर्ट के न्यायाधीश एवं प्रशासन व संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सीएम श्री-महाकालेश्वर की शयन आरती में शामिल हुए: भोले की भक्ति में लीन होकर झांझ बजाई, श्रद्धालुओं से की चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को शाम श्रावण के पवित्र मास में श्री-महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में पहुंचकर कालों के काल श्री महांकाल और नंदी महाराज का पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान श्री महाकालेश्वर की शयन आरती में शामिल होकर भगवान की भक्ति में झांझ बजाई। डॉ. यादव ने मंदिर में आए श्रद्धालुओं से चर्चा कर मंदिर की दर्शन व्यवस्था और उनको होने वाली परेशानी के बारे में भी फीड-बैक प्राप्त लिया।
श्री-महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष व कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने मुख्यमंत्री को भगवान श्रीमहाकालेश्वर का अंगवस्त्रम ओढ़ाकर स्मृति चिन्ह भेंट किया।
पूजा अर्चना के दौरान उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी, उपाध्यक्ष मुकेश यादव, संजय अग्रवाल, संभागायुक्त आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कूमट एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।
