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औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन तत्पर, उद्यमियों ने कहा मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना में करेंगे पूर्ण सहयोग

उद्योगों को बढावा देने और औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं के निदान को लेकर हुआ संवाद, सीआईआई द्वारा आयोजित संवाद में कलेक्टर एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए

ग्वालियर।  उद्योग सही मायने में विकास के इंजन होते है। किसी भी विकसित शहर, प्रदेश व राष्ट्र के विकास में उद्योगों का बड़ा योगदान होता है। उद्योगों का सहयोग करना हमारा दायित्व है। इसी भाव के साथ उद्योगों को बढावा देने और औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं के निदान के लिए प्रशासन हर संभव मदद के लिए तत्पर हैं। यह बात संभागीय आयुक्त दीपक सिंह ने ग्वालियर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों की औद्योगिक गतिविधियों को लेकर हुए संवाद के दौरान कही। 

संभागीय आयुक्त सिंह ने औद्योगिक गतिविधियों के संचालन में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाते हुए औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों कहा कि वे “मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना’’ के तहत राज्य शासन के मंशा के अनुरूप युवाओं को अपनी औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से क्षमतावान बनाएँ। इससे युवा तो आत्मनिर्भर बनेंगे ही, औद्योगिक इकाइयों को भी फायदा होगा क्योंकि राज्य शासन द्वारा प्रशिक्षण के एवज में संबंधित इकाई के माध्यम से युवाओं को स्टाईपेंड भी दिया जाएगा। 

यहाँ संभाग आयुक्त कार्यालय के सभागार में कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह की मौजूदगी में यह संवाद सीआईआई ( कॉन्फ्रीडेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज) के तत्वाधान में आयोजित हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  विवेक कुमार, सीआईआई मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष आशीष वैश्य व सीआईआई ग्वालियर के उपाध्यक्ष राजेश खन्ना व प्रदेश अध्यक्ष  अनिरूद्ध सहित ग्वालियर शहर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों बानमौर व मालनपुर इंडस्ट्रीज एरिया के प्रतिनिधिगण तथा एमपी आईआईडीसी एवं उद्योग विभाग के अधिकारी मौजूद थे। 

कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने सीआईआई और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के निदान के लिए जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से बैठक की जाएगी। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के सहयोग से अग्नि दुर्घटना एवं अन्य आपदाओं से बचाव के लिए मॉक ड्रिल कराई जाएगी। उन्होंने कहा औद्योगिक क्षेत्रों में अतिक्रमण व बुनियादी सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान समयबद्ध किया जाएगा। कलेक्टर ने औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि ग्वालियर जिले में मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के तहत 18 हजार 286 युवाओं ने पंजीयन कराया है। इनमें से कोई भी युवा प्रशिक्षण से वंचित नहीं रहना चाहिए। 

नियमितीकरण के लिए समिति गठित 

औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं के समाधान को लेकर आयोजित संवाद के दौरान ग्वालियर शहर के अनऑथोराइज्ड औद्योगिक क्षेत्रों शंकरपुर, गिरवई व गोयल कंपाउंड को नियमित करने का आग्रह औद्योगिक संगठनो के प्रतिनिधियों द्वारा किया गया। संभागीय आयुक्त दीपक सिंह ने इस संबंध में एक समिति गठित करने ग्वालियर कलेक्टर से कहा। इस समिति में महा प्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र, एमपी आईआईडीसी, नगर व ग्राम निवेश और नगरनिगम के अधिकारी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। संभाग आयुक्त सिंह ने यह भी निर्देश दिए इन औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित बस्तियों के रहवासियों के हितों को ध्यान में रखकर और उद्योग विभाग की गाइड लाइन के अनुसार नियमितीकरण की कार्यवाही की जाए। 

 ग्वालियर में एविएशन सबमिट प्रस्तावित

सीआईआई के वाइस चेयरमैन आशीष वैश्य ने जानकारी दी कि आगामी सितम्बर माह में ग्वालियर शहर बड़े आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। सितम्बर माह में ग्वालियर में एविएशन सबमिट प्रस्तावित है, जिसमें जी-20 में शामिल देशों सहित अपने देश के जाने-माने और बड़े-बडे उद्यमी भाग लेंगे। उन्होंने कहा इससे विश्व पटल पर ग्वालियर का नाम होगा। वैश्य ने सुझाव दिया कि इस सबमिट सहित अन्य आयोजनों में अतिथियों को ग्वालियर-चंबल संभाग के उत्पादों पर केन्द्रित स्मृति चिन्ह भेंट किए जाएँ। साथ आयोजन स्थल सहित सम्पूर्ण शहर में सबमिट के दौरान यहाँ के उत्पादों की ब्रांडिग भी की जाए। 

लोकतंत्र की मजबूती में भी योगदान दें 

कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे भारतीय लोकतंत्र की मजबूती में भी योगदान दें। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में वोटर लिस्ट में नाम जुडवाने और आवश्यक रूप से मतदान करने के संबंध में बैनर जरूर लगवाएँ। कलेक्टर ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कार्मिकों को मतदान के दिन सवैतिनिक अवकाश देने का प्रावधान है। सभी औद्योगिक प्रतिनिधियों ने इसका पालन करने का भरोसा दिलाया। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जुडवाने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में जिला प्रशासन को बताकर विशेष शिविर भी लगवाएं जा सकते हैं।