
ग्वालियर। नवसवंत्सर स्वागोत्सव महोत्सव में सूर्य की प्रथम रश्मि को अर्घ्य देकर कालयुक्तनाम नवसवंत्सर का स्वागत किया जाएगा। नगर निगम ग्वालियर द्वारा प्रतिवर्ष की भांति नवसवंत्सर स्वागोत्सव महोत्सव का आयोजन जलविहार में किया जा रहा है।
यह नवसंवत्सर स्वागतोत्सव कार्यक्रम में 30 मार्च 2025 को प्रातः 4.40 बजे संकीर्तन यात्रा, 4.45 बजे गीत ‘‘ज्योतिकलश छलके’’- लक्ष्मी धवल, 5.01 बजे दीप प्रज्वलन एवं गुडी पूजन, 5.10 दीप प्रज्वलन मुख्य मंच बजे ध्येय गीत- वैशाली मोघे, 5.15 बजे सर्वधर्म प्रार्थना-जैन वाणी, वैदिक ऋचाएं, 5.18 बजे सुप्रभात गायन - नरेन्द्र कुटे, 5.21 संकल्प गीत- इतनी शक्ति- नवनीत कौशल, 5.26 बजे निवेदन गीत, 6.00 बजे सूर्य अर्ध्य, 6ः11 बजे सूर्य स्तुति, 6ः15 बजे शुभकमाना संदेश महापौर द्वारा, 6ः30 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की जायेगी।जायेगी।
लोककला महोत्सव की प्रस्तुति 30 मार्च की शाम को
लोककला महोत्सव 30 मार्च को कार्यक्रम का समय शाम को 6.30 बजे दीप प्रज्वजन, 6.35 बजे ध्येय गीत, 6.45 बजे लोक नृत्य- शालिनी भटनागर समूह, 7ः05 बजे लोकरंग- कृतीन्द्र और साथी, 7ः35 बजे डोगरी लोक नृत्य- सुक्षम कल्चरल सोसायटी जम्मू कश्मीर, 8ः05 बजे चैती व कचरी गायन- पारूल दीक्षित, 8ः35 बजे गोडी भाटी- लोक नृत्य बैतूल द्वारा कार्यक्रम की प्रस्तुति की जाएगी।
गौ-उत्पाद से ईकोफ्रेंडली की थीम पर बनाया बैकड्राप
कालयुक्तनाम नवसंवत्सर के स्वागत के लिये जलविहार को आकर्षक विद्युत सज्जा के साथ ही, सुंदर रंगोली एवं फूलों से सजाया गया है। इस अवसर पर आयोजित महोत्सव में मंच पुरातन ग्रामीण परिवेश के आधार पर तैयार किया गया है। मंच का बैकड्राप ईकोफ्रेंडलीे गोबर शिल्प एवं गोबर आर्ट द्वारा बनाया गया है। बैकड्राप बनाने में टाट के कपडे, गोबर एवं पीली मिट्टी का उपयोग किया गया है।
नए वर्ष की शुरुआत रविवार से होने के कारण संवत के राजा और मंत्री सूर्य होंगे
ज्योतिषाचार्य उपेंद्र शास्त्री के अनुसार 30 मार्च से शुरू हो रहा हिंदू नववर्ष बहुत शुभ माना जा रहा है। ब्रह्म पुराण के अनुसार इसी तिथि को ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। हिन्दू पंचांग के हिसाब से हिन्दू नववर्ष 30 मार्च 2025 से शुरू हो रहा है। इस वर्ष का नाम सिद्धार्थ संवत् है। नए वर्ष की शुरुआत रविवार के दिन होने से संवत के राजा और मंत्री सूर्य होंगे , वहीं अन्न-धन, खनिज व धातु के स्वामी बुध, खाद्य पदार्थों के स्वामी मंगल होंगे।
हिंदू नववर्ष के पहले दिन दुर्लभ संयोग
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा में रविवार 30 मार्च को नए संवत्सर 2082 का आरंभ ग्रह-गोचरों के शुभ संयोग में होगा। इस दिन शाम 6:14 बजे तक रेवती नक्षत्र फिर अश्विनी नक्षत्र विद्यमान रहेगा । मीन लग्न सुबह 06:26 बजे तक रहेगा फिर मेष लग्न का आरंभ होगा। मीन राशि में इस दिन पांच ग्रह के मौजूद होने से पंचग्रहीय योग बनेगा। मीन राशि में सूर्य, बुध, राहु, शनि और शुक्र ग्रह विद्यमान होंगे । केतु कन्या राशि में, देवगुरु बृहस्पति वृष राशि में तथा मंगल मिथुन राशि में रहेंगे।
हिंदू नववर्ष 2025 नव संवत्सर का असर...
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी विक्रम संवत 2082 रविवार 30 मार्च 2025 से शुरू हो जाएगा। इसे हिन्दू नववर्ष भी कहा जाता है। पंचांग में 12 महीने होते हैं और हर महीने का प्रारंभ कृष्ण पक्ष से होता है। संवत्सर नाम सिद्धार्थ होगा और इसका वाहन घोड़ा रहेगा ।।