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गुड़ी पड़वा यानि 'प्रतिपदा' वर्ष की पहली मंगल तिथि है ; सूर्य को अर्घ देकर किया हिन्दू नववर्ष का स्वागत, “विक्रमोत्सव” के उपलक्ष्य में मंदिरों पर फहराए ब्रम्हध्वज

विक्रम नव संवत्सर का जिला स्तरीय कार्यक्रम बाल भवन में हुआ , मंत्री कुशवाह ने नाट्य कलाकारों को 5-5 हजार रूपए देने की घोषणा की

ग्वालियर। भारतीय नववर्ष चैत्र शुल्क प्रतिपदा, विक्रम नव संवत्सर-2082 के शुभारंभ अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम बाल भवन में प्रदेश के सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण एवं उद्यानिकी मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा उगते सूर्यदेव को अर्घ दिया और हिन्दूवर्ष पर विक्रम ध्वज का पूजन-अर्चन किया। इस मौके पर कलाकारों द्वारा राजा विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाट्य भी प्रस्तुत किया गया। 

विक्रम नव संवत्सर के आयोजन अवसर पर पूर्व सांसद विवेकविवेक शेजवलकर, भाजपा जिला अध्यक्ष शहर जयप्रकाश राजौरिया व ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमसिंह राजपूत, संभागीय आयुक्त  मनोज खत्री, कलेक्टर रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय सहित जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि भारतीय संस्कृति के अंतर्गत पर्व और त्यौहारों का निर्धारण मंगल तिथियों के आधार पर होता है। खगोलीय गतिविधियों की दृष्टि से गुड़ी पड़वा अर्थात प्रतिपदा वर्ष की पहली मंगल तिथि है। इस मंगल तिथि का अभिवादन चैती चंद, वर्ष प्रतिपदा और गुड़ी पड़वा के नाम से किया जाता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने त्यौहारों को उत्साह और उमंग के साथ मनाने की अनुकरणीय पहल की है। 

उद्यानिकी मंत्री  कुशवाह ने राजा विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुत करने वाले सभी कलाकारों को अपनी ओर से 5-5 हजार रूपए देने की घोषणा भी की। इस मौके पर उन्होंने सभी के जीवन में सुख-समृद्धि व आनंद का भाव आए, ऐसी ईश्वर से कामना की। 

कार्यक्रम में पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि हिंदू संस्कृति में गुड़ी पड़वा (नव संवत्सर) के दिन से ही नएवर्ष की शुरूआत होती है। इस दिन हम सब सूर्य को अर्घ देकर सभी की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सम्पूर्ण प्रदेश में विक्रम नव संवत्सर आयोजन की जो शुरूआत की गई है वह अनुकरणीय है। इससे युवाओं को भारतीय संस्कृति की जानकारी मिलेगी। ग्वालियर में नव संवत्सर के अवसर पर सभी को उन्होंने शुभकामनायें दीं। 

अतिथियों ने सूर्य को अर्घ देकर आराधना की 

विक्रम नव संवत्सर के अवसर पर बाल भवन में आयोजित कार्यक्रम में उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, पूर्व सांसद  विवेक नारायण शेजवलकर, भाजपा जिला अध्यक्ष शहर जयप्रकाश राजौरिया व ग्रामीण प्रेम सिंह राजपूत के साथ ही संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने सूर्य को अर्घ देकर सूर्य देवता की आराधना की और सभी की खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने ध्वज का पूजन और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की। 

विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाटक की हुई प्रस्तुति

विक्रम नव संवत्सर-2082 के प्रारंभ पर आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति विभाग द्वारा राजा विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाटक भी प्रस्तुत किया गया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नाटक का उपस्थित लोगों ने भरपूर आनंद लिया और कलाकारों का उत्साहवर्धन भी किया। इस नाटक के माध्यम से राजा विक्रमादित्य के जीवन दर्शन को प्रदर्शित किया गया। 

 “विक्रमोत्सव” के उपलक्ष्य में मंदिरों पर फहराए गए ब्रम्हध्वज

ग्वालियर जिले में भी भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं के अनुरूप गुड़ी पड़वा वर्ष प्रतिपदा पर “विक्रमोत्सव” मनाया गया। इस दिन ग्वालियर सहित जिले के प्रमुख मंदिरों व भवनों पर ब्रम्हध्वज फहराए गए। साथ ही सूर्य उपासना सहित विक्रमोत्सव के उपलक्ष्य में अन्य कार्यक्रम भी हुए। जिला स्तरीय कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री कुशवाह के मुख्य आतिथ्य में बाल भवन में आयोजित किया गया।