ग्वालियर। रोजगार सृजन, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने और सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत 19 जून को ग्वालियर में राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों के साथ भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। ग्वालियर के साथ सम्पूर्ण भारत में 200 स्थानों पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नई दिल्ली में आयोजित मुख्य कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर में 200 स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर हितग्राहियों को योजना के हितलाभ भी वितरित किए जायेंगे।
ग्वालियर में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में 19 जून को राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में सांसद भारत सिंह कुशवाह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। साथ ही जनप्रतिनिधियों, उद्योग एवं व्यापारिक संगठनों, नियोक्ताओं, श्रमिक संगठनों तथा 800 से अधिक लाभार्थियों की सहभागिता रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान पात्र लाभार्थियों एवं नियोक्ताओं को योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा, नव-नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे तथा उत्कृष्ट योगदान देने वाले नियोक्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही रोजगार सृजन, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों की जानकारी भी दी जाएगी।
क्षेत्रीय आयुक्त, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ग्वालियर सत्य प्रधान गौतम ने बताया कि यह कार्यक्रम देशव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसके माध्यम से रोजगार संवर्धन, सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार तथा औपचारिक रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत प्रथम बार रोजगार प्राप्त करने वाले पात्र कर्मचारियों को 15 हजार रुपये तक की सहायता तथा अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। योजना का लक्ष्य आगामी दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों के सृजन को प्रोत्साहित करना है।
गौतम ने बताया कि ईपीएफओ ग्वालियर क्षेत्राधिकार में इस योजना के तहत पात्र कर्मचारियों और नियोक्ताओं को लगभग 3.98 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रदान की जाएगी, जिससे रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार को नई गति मिलेगी।
