
ग्वालियर। प्राकृतिक खेती को विस्तार देने के इच्छुक किसानों के खेतों पर कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह बैंकर्स को लेकर पहुँचेंगे। साथ ही किसानों के साथ बैंकों में भी कलेक्टर जायेंगे। प्रगतिशील किसानों को आर्थिक मदद मुहैया कराकर प्राकृतिक खेती को विस्तार दिलाने के उद्देश्य से कलेक्टर सिंह यह प्रक्रिया अपनायेंगे। शुक्रवार को यहाँ बाल भवन में आयोजित हुई कृषि विभाग की आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक में कलेक्टर सिंह ने प्रगतिशील किसानों को यह भरोसा दिलाया।
जिले के विभिन्न ग्रामों में सफलतापूर्वक प्राकृतिक जैविक (खेती) कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे किसानों को कलेक्टर ने अपने बगल में बिठाकर एक-एक कर सभी के अनुभव सुने। साथ ही उन्हें भरोसा दिलाया कि प्राकृतिक खेती को विस्तार देने में जिला प्रशासन द्वारा कृषि वैज्ञानिकों एवं बैंकर्स के सहयोग से हर संभव मदद दिलाई जायेगी। कलेक्टर ने कहा कि वे स्वयं भी मौके पर प्राकृतिक खेती देखने जिले के विभिन्न ग्रामों में पहुँचेंगे।
प्राकृतिक खेती कर ग्वालियर जिला ही नहीं प्रदेश भर में नाम कमा चुके बिलौआ निवासी उन्नतशील कृषक प्राण सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके द्वारा लगाए गए 2200 से ज्यादा पौधे अब पेड़ बन चुके हैं। उन्होंने बिलौआ - 22 नाम से अमरूद की एक किस्म ईजाद की है। इसके अलावा जैविक खेती के तमाम आयामों को उन्होंने सफलतापूर्वक अपनाया है।
इसी तरह सफलतापूर्वक उद्यानिकी खेती कर रहे कृषक प्रभुदयाल अटल का कहना था कि केवल मैं ही नहीं हमारे पूरे गाँव में उद्यानिकी को प्रमुखता से अपनाया है। ग्वालियर से सटे गिरवाई के अंतर्गत अपने लगभग पाँच एकड़ फार्म हाउस में प्राकृतिक खेती का मॉडल स्थापित कर सके नाहर सिंह का कहना था कि सरकार की योजनाओं के तहत मिली सहायता व प्रशिक्षण की बदौलत हम जैविक खेती करने में सफल हुए हैं।
ग्राम मैथाना के कृषक राम सिंह किरार, डबरा के सोनू बघेल, गणेशपुरा के हरीशंकर राजे तथा गवर्निंग बॉडी के कृषक शैलेश सिंह कुशवाह सहित अन्य प्रगतिशील कृषकों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक में पिछले वित्तीय वर्ष के भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य की पूर्ति की समीक्षा की गई। साथ ही मौजूदा वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों के बेहतर क्रियान्वयन और नवाचारों को मूर्तरूप देने के लिये बनाई गई रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक में उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास आरएस शाक्यवार, नाबार्ड के अधिकारी धर्मेन्द्र सिंह तथा सहकारिता, उद्यानिकी व मत्स्य पालन सहित खेती से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।