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जिला मूल्यांकन समिति की बैठक ; नई गाइड-लाइन के प्रस्तावों पर हुई चर्चा, दावे-आपत्तियां के निराकरण के बाद गाइड-लाइन के प्रारूप को अंतिम रूप दिया जायेगा

कलेक्टर ने दिए निर्देश, गाइड-लाइन ऐसी हो जिससे लोगों पर कम आर्थिक बोझ पड़े और सरकार को उचित राजस्व मिले

ग्वालियर। जिले में अचल सम्पत्ति की गाइड-लाइन में ऐसे प्रस्ताव शामिल करें, जो वास्तविक बाजार मूल्य के नजदीक हो। साथ ही अचल सम्पत्ति का पंजीयन कराने वाले लोगों पर कम आर्थिक बोझ आए और सरकार को भी उचित राजस्व प्राप्त हो। प्रस्तावित गाइडलाइन पर दावे-आपत्तियां प्राप्त करें और उनके निराकरण के बाद गाइड-लाइन को अंतिम रूप देने की आगे की कार्यवाही की जाए। यह निर्देश कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिले की अचल सम्पत्ति के मार्गदर्शक सिद्धांत (गाइड-लाइन वर्ष 2026-27) के प्रारंभिक प्रस्ताव प्रारूप पर चर्चा के दौरान जिला पंजीयक को दिए। 

 शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष के लिये तैयार हो रही गाइड-लाइन के प्रारूप पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए जिले की नई कलेक्टर गाइडलाइन का प्रारूप उपमूल्यांकन समिति ग्वालियर, डबरा, भितरवार द्वारा प्रस्तावित जिले की कुल 2224 लोकेशन्स का बारीकी से परीक्षण कर तैयार किया गया है। 

 अगले वित्तीय वर्ष की गाइडलाइन तय करने के लिये मौजूदा वित्तीय वर्ष में गाइडलाइन से अधिक मूल्य पर हुईं अचल सम्पत्ति की रजिस्ट्रियों का अध्ययन किया है। साथ ही यह भी देखा गया है कि किन-किन क्षेत्रों में अधिक रजिस्ट्री हुई हैं। इसके अलावा ऐसे क्षेत्र जो टीएनसीपी, रैरा एवं नगर निगम के मानचित्र में शामिल हैं। ऐसी नई कॉलोनियां जिन्हें जोड़ने के लिये पक्की सड़कों का निर्माण हुआ है। 

राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ग्वालियर, डबरा एवं भितरवार की बस्तियों का भी अध्ययन किया गया है। साथ ही ऐसे क्षेत्रों का भी ध्यान रखा गया है, जिनके नजदीक वर्तमान गाइडलाइन में रेट अधिक है लेकिन दूसरी लोकेशन बताकर राजस्व चोरी का प्रयास किया जाता है।  ऐसे स्थानों को बड़ी लोकेशन से मर्ज करने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। 

 बैठक में अपर आयुक्त नगर निगम प्रदीप तोमर, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र सुनील बाबू त्रिपाठी, वरिष्ठ जिला पंजीयक अशोक शर्मा व जिले के सभी उप पंजीयक एवं टीएनसीपी केके कुशवाह सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। 

 प्रस्तावित गाइड-लाइन की मुख्य बातें 

 वरिष्ठ जिला पंजीयक अशोक शर्मा ने बताया कि जिले की 522 लोकेशन्स पर 20 प्रतिशत, 531 लोकेशन्स पर 20 से 50 प्रतिशत और 103 लोकेशन्स पर 50 से 80 प्रतिशत तक की  वृद्धि प्रस्तावित है। जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में 100 प्रतिशत से अधिक लोकेशनों पर कलेक्टर द्वारा सदस्यों से चर्चा की  गयी। साथ ही अनावश्यक बढ़ाई गई दरों को घटाने अथवा पास वाली लोकेशन मैं मर्ज किए जाने के निर्देश वारिष्ठ जिला पंजीयक़ को बैठक में बताया गया कि 29 किलोमीटर लंबे वेस्टर्न बायपास (निरावली-रायरू से पनिहार) के बनने से आसपास के गांवों में जमीनों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी तरह नए क्रिकेट स्टेडियम, आईएसबीटी (ISBT), शिवपुरी व मुरैना लिंक रोड पर खुल रहे नए ऑटोमोबाइल शोरूम, कॉलेज और आवासीय कॉलोनियों के कारण इन क्षेत्रों में जमीनों की दरों में बड़ा इजाफा हो रहा है। इन सबको ध्यान में रखकर गाइडलाइन में प्रस्ताव शामिल किए जाएंगे। 

  ऐसे क्षेत्र जहाँ आसपास गाइड-लाइन दरें अधिक थीं, लेकिन कम दर वाली छोटी लोकेशन दिखा कर रजिस्ट्री करा लेते थे, उन लोकेशन्स को अब समीप की लोकेशन में मर्ज कर किया जायेगा । जो सड़कें एक से अधिक वार्डों (जैसे एबी रोड, तानसेन रोड) में आती हैं, वहां अब एक समान दरें लागू होंगी।

  डबरा के समीपवर्ती गांवों (धई, धवा आदि) को तेजी से हो रहे विकास के कारण 'विशिष्ट ग्राम' का दर्जा दिया गया है। वहीं, भितरवार में आर्मी कैंप लिंक रोड और नए ओवरब्रिज के निर्माण से जमीनों के बढ़े दाम और बाजार मूल्य को ध्यान में रखकर 227 लोकेशन्स के पंजीयन दाम प्रस्तावित किए गए हैं। 

 वरिष्ठ जिला पंजीयक अशोक शर्मा ने बताया कि मुरार और बड़ागाँव क्षेत्र : खुरेरी,सैथरी,ओहदपुर, अलापुर,डोंगरपुर, महलगाव, बेहटा,सिकरोदा और बेहटा जैसे क्षेत्रों में आवासीय कॉलोनियों और नए प्रोजेक्ट्स के कारण कलेक्टर गाइडलाइन में वृद्धि प्रस्तावित की गई है। इसी तरह एबी रोड, मुरैना लिंक रोड, पिपरोली, सालूपुरा, नाका चंद्रवदनी मुख्य रोड व आनंद नगर में बढ़ोत्तरी प्रस्तावित की गई है।