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डॉग लवर्स का अब होगा पंजीयन ; श्वानों को भोजन देने के लिये फीडिंग सेंटर चिन्हित किए जायेंगे , आवारा श्वानों की देखभाल के लिये निगम बनायेगा 'आश्रय स्थल'

कलेक्टर ने श्वानों के प्रबंधन के लिये विभागीय अधिकारियों की बैठक में दिए निर्देश , सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आवारा श्वानों के प्रबंधन के लिये दिए निर्देशों के परिपालन में हुई है बैठक

ग्वालियर। महानगर में आवारा श्वानों के लिये नगर निगम के माध्यम से आश्रय स्थल बनाया जायेगा। आवारा श्वानों को पकड़ने के बाद नसबंदी कर आश्रय स्थल में रखा जायेगा। इसके साथ ही आवारा श्वानों के लिये भोजन स्थल (फीडिंग सेंटर) स्थापित किए जायेंगे। कलेक्टर रुचिका चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित आवारा श्वानों के प्रबंधन के लिये आयोजित बैठक में यह निर्देश दिए गए। 

कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आवारा श्वानों के प्रबंधन के लिये दिए गए निर्देशों के परिपालन में आयोजित हुई बैठक में नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, अपर आयुक्त नगर निगम प्रदीप तोमर सहित पशु चिकित्सा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, मॉल प्रबंधक, जीवाश्रम संस्थान के प्रतिनिधि, सचिव एनीमल केयर फाउण्डेशन के प्रतिनिधि सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

कलेक्टर  रुचिका चौहान ने आवारा श्वानों के प्रबंधन के संबंध में समीक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि नगर निगम के माध्यम से आवारा श्वानों के लिये आश्रय स्थलों का निर्माण किया जाए। आवारा श्वानों को पकड़ने के पश्चात उनकी नसबंदी कर आश्रय स्थलों में रखने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही शहर में जितने भी संस्थान जिनमें चार दीवारी बनी हुईं हैं उनमें काऊ कैचर लगाने के साथ-साथ आवारा श्वान संस्थान में प्रवेश न करें, इस संबंध में पुख्ता प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए हैं। 

कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा है कि शहर में आवारा श्वानों को जगह-जगह नागरिकों द्वारा भोजन न दिया जाए। इसके स्थान पर नगर निगम के माध्यम से चयनित स्थलों पर श्वानों के लिये भोजन स्थल (फीडिंग सेंटर) बनाए जाएं। शहर की विभिन्न कॉलोनियों, टाउनशिपों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों पर भी फीडिंग सेंटर बनें। इस कार्य को निगम के माध्यम से शीघ्र किया जाए। इसके साथ ही नागरिकों को श्वानों को भोजन उपलब्ध कराने के संबंध में जन जागरूकता का विशेष अभियान भी चलाया जाए। 

कलेक्टर  ने कहा कि नगर निगम के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों में भी आवारा पशु एवं श्वानों के प्रबंधन के लिये नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। 

कलेक्टर चौहान ने लोक निर्माण विभाग एवं एनएचएआई के अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि राष्ट्रीय एवं राजकीय राजमार्ग पर भी आवारा पशुओं एवं श्वानों के प्रबंधन की नियमित मॉनीटरिंग करें।  और इस कार्रवाई से प्रत्येक माह समिति को भी अवगत कराएं। उन्होंने बैठक में यह भी कहा है कि जिले में डॉग लवर्स का पंजीयन भी कराया जाए। इससे जिलेभर में जो लोग डॉग के रख-रखाव के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं उनका चिन्हांकन किया जा सके। डॉग लवर्स के माध्यम से भी जिले में पुख्ता प्रबंधन के प्रयास किए जायेंगे। 

कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्पष्ट किया है कि आवारा श्वानों के प्रबंधन के लिये ग्वालियर शहर के साथ-साथ अन्य नगरीय निकायों में भी विशेष प्रबंधन किए जायेंगे। इसके लिये समिति गठित कर समय-सीमा में कार्य हो, यह सुनिश्चित किया जायेगा। 

नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने बताया कि नगर निगम के माध्यम से आवारा श्वानों की नसबंदी के लिये दो केन्द्र संचालित हैं। इसके साथ ही निगम द्वारा एक अन्य वाहन भी आवारा श्वानों को पकड़ने के लिये क्रय किया जा रहा है। नगर निगम के सहायक यंत्री केशव चौहान को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। इसके साथ ही पशु जन्म नियंत्रण निगरानी समिति का गठन भी किया गया है। साथ ही नगरीय निकाय द्वारा प्रतिदिन आवारा एवं घायल गाय, बैल, सांड, श्वान आदि की सूचना प्राप्त होने पर उपचार करने के पश्चात गायों को गौशाला एवं श्वानों को एबीसी सेंटर पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिये निगम द्वारा कंट्रोल रूम भी गठित किया गया है, जिसका नम्बर 0751-2438358 है। 

नगर निगम आयुक्त ने बताया कि नगर निगम के माध्यम से नगरीय निकाय के शासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थायें, अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मेडीकल कॉलेज, खेल मैदान, कॉम्प्लेक्स, बस स्टेण्ड, रेलवे स्टेशन आदि स्थलों का चयन कर इन स्थानों पर आवारा पशु एवं श्वानों के प्रवेश को रोकने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि नगर निगम के माध्यम से ग्राम पिपरौली में आवारा श्वानों के लिये आश्रय स्थल बढ़ाने का कार्य भी निगम के माध्यम से किया जायेगा। 

बैठक में बताया गया कि आवारा श्वानों को भोजन उपलब्ध कराने के लिये 27 स्थल प्रारंभिक तौर पर तय किए हैं। इन स्थानों को व्यवस्थित करने का कार्य सभी के सहयोग से निगम द्वारा किया जायेगा। इसके साथ ही जन जागरूकता के लिये भी अभियान चलाकर निरंतर गतिविधियां संचालित की जायेंगीं। 

बैठक में अन्य विभागीय अधिकारियों द्वारा भी अपने-अपने विभाग से संबंधित गतिविधियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।