मुख्यमंत्री यादव अल्प प्रवास पर ग्वालियर पधारे, विमानतल पर आत्मीय स्वागत, अधिकारियों ने डॉ यादव की अगवानी की
ग्वालियर /दतिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दतिया वीरता और भक्ति का अद्भुत संगम है। यहां आस्था और प्रगति का बेहतरीन मेल है। हमारी सरकार दतिया के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी कदम उठा रही है। बीते साल बुंदेला काल के दतिया महल और गुज्जरा लघु शिलालेख को यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में स्थान मिल गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दतिया जिले की विकास यात्रा अब रूकने वाली नहीं है। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जिसमें दतिया पीछे हो। आज दतिया विकास, नवाचार, महिला सशक्तिकरण और किसान समृद्धि का एक रोल मॉडल बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दतिया में एयरपोर्ट का शुभारंभ हुआ- दतिया से भोपाल फ्लाईट भी शुरू हो गई है। खजुराहो से नई दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन के जरिए दिल्ली अब दतिया से चंद घंटों की दूरी पर आ गया है। उन्होंने कहा कि दतिया में मां पीताम्बरा लोक का निर्माण तेजी से प्रगति पर है। इससे जिले के पर्यटन को नए पंख लगेंगे और इसे एक नई धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान भी मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को दतिया जिले के सेवढ़ा तहसील मुख्यालय में 529 करोड़ लागत के 71 विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने यहां घोषणा करते हुए कहा कि करीब सवा 2 हजार करोड़ रूपए की लागत वाली रतनगढ़ सिंचाई परियोजना से इस क्षेत्र के 40 हजार से अधिक किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दतिया जिले के नशामुक्ति कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए जिलेवासियों को बधाई दी।
केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का दतिया के किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय था, जब दतिया पेयजल संकट से जूझा करता था। आज हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पर काम चल रहा है। इसका भरपूर लाभ दतिया जिले के किसानों को भी मिलेगा। अब किसानों को सिंचाई के लिए पानी की चिंता करने की जरूरत नहीं है। जिले में 1.48 लाख हेक्टेयर से अधिक भू-रकबे में सिंचाई सुविधा का विस्तार होने से यहां कृषि उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है। बीते दो सालों में यहां 7 लघु सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ जिले के 1.37 लाख से अधिक किसानों को मिल रहा है। फसल बीमा योजना यहां के 1.26 लाख से अधिक किसानों का सुरक्षा कवच बनी है।
पशुपालन और दुग्ध उत्पादन बढ़ाना हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि और सम्मान के लिए संकल्पित है। प्रधानमंत्री मोदी ने किसान भाइयों के खाते में सम्मान निधि भेजने की शुरुआत की है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान, दोनों बराबर हैं। दोनों समाज की सेवा के लिए अपनी जान तक खतरे में डाल देते हैं। प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में किसानों को पर्याप्त बिजली और सिंचाई की सुविधा मिल रही है। किसानों को सोलर पंप देकर बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। हमारी सरकार आने तक प्रदेश का सिंचाई रकबा 44 लाख हेक्टेयर था, जो पिछले डेढ़-दो साल में बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री यादव अल्प प्रवास पर ग्वालियर पधारे, विमानतल पर आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 21 फरवरी को अल्प प्रवास पर ग्वालियर पधारे। विमानतल पर जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने अगवानी की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को अल्प प्रवास पर राजकीय विमान से भोपाल से चलकर राजमाता विजयाराजे सिंधिया विमानतल पर पधारे। यहाँ कुछ देर रुकने के बाद वे हैलीकॉप्टर से दतिया जिले में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिये रवाना हुए।
दतिया में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शाम हैलीकॉप्टर से पुन: ग्वालियर पधारे। विमानतल पर संत कृपाल सिंह, ग्रामीण जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत, पूर्व जिला अध्यक्ष अभय चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अगवानी की। विमानतल पर आईजी ग्वालियर अरविंद कुमार सक्सेना, प्रभारी कलेक्टर कुमार सत्यम, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने मुख्यमंत्री की अगवानी की। मुख्यमंत्री यादव कुछ देर ग्वालियर विमानतल पर रुकने के बाद राजकीय विमान द्वारा भोपाल के लिये रवाना हो गए।
