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नौ वर्ष बाद परिवार से मिले भोपाल के बद्रीनाथ ; 'आश्रम स्वर्ग सदन' के एक सेवा साथी को कड़ाके की सर्दी में ठिठुरते और अत्यंत दयनीय अवस्था में मिले वर्षों पूर्व मिले थे 'बद्रीनाथ'

"आश्रम स्वर्ग सदन" में एमिटी यूनिवर्सिटी के इंटर्न छात्रों की सेवा एवं काउंसलिंग के अथक प्रयासों की बदौलत बद्रीनाथ को अपना परिवार मिल गया

ग्वालियर। जनवरी की कड़ाके की ठंड में अलसुबह लगभग 4 बजे हजीरा क्षेत्र में सेवा साथी आयुष गोस्वामी को वर्षों पूर्व एक असहाय व्यक्ति मात्र दो कपड़ों में ठिठुरते हुए अत्यंत दयनीय अवस्था में दिखाई मिले थे। मानवता की पुकार सुनते हुए उन्होंने उस व्यक्ति को तत्काल आश्रम लेकर आए।

आश्रम में सेवा एवं उपचार के दौरान उन्होंने अपना नाम बद्री, निवासी भोपाल बताया था। आश्रम स्वर्ग सदन में एमिटी यूनिवर्सिटी के इंटर्न विद्यार्थी विशेष अनुबंध के अंतर्गत सेवा एवं काउंसलिंग के लिए यहाँ नियमित आते हैं। उन्हीं में से एक छात्रा शांभवी किशोर एवं श्रेया कोकिवार द्वारा उनसे गहन संवाद और काउंसलिंग के दौरान बद्रीनाथ जी ने उन्हें बताया कि वे भोपाल के कोलार रोड चीचली बैरागढ़ स्थित गरीब नगर में संचालित संस्कार स्कूल में कार्यरत थे। छात्रों ने इसके बाद गूगल के माध्यम से संस्कार स्कूल के प्रबंधन से संपर्क किया गया। उधर विद्यालय प्रबंधन ने पुराना रिकॉर्ड खंगालकर परिवार से संपर्क स्थापित किया।

भोपाल में नौ वर्षों से लापता बद्री के जीवित मिलने का समाचार मिलने से परिवार भाव-विभोर हो उठा। इसके बाद बद्री की दोनों बहनें सुंदरी और ज्योति एवं जीजाजी उन्हें लेने आश्रम पहुँचे। उनके खोने के दुःख में पिता का देहांत हो चुका था। बड़ी बहन सुंदरी ने बताया कि वर्ष 2017 में बद्री गेहूं लेने के लिए अपने गाँव गए थे, किंतु वापस नहीं लौटे। उस समय परिवार ने उन्हें तलाशने के अथक प्रयास किए और इस दौरान थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई , परंतु उनका कोई सुराग नहीं मिला।

परिवार के सभी सदस्य उन्हें अत्यंत स्नेह करते थे और प्रतिदिन ईश्वर से उनके सकुशल लौटने की प्रार्थना करते थे। प्रभु की कृपा से वह प्रार्थना पूर्ण हुई और नौ वर्षों के बाद बद्री आज अपनी बहनों के साथ सुरक्षित घर लौट गए।

इस ईश्वरीय परिवार-मिलन के पावन कार्य में एमिटी यूनिवर्सिटी के इंटर्न विद्यार्थियों द्वारा किए गए समर्पित एवं जीवंत प्रयास के लिए बद्री जी के परिवार एवं आश्रम स्वर्ग सदन, ग्वालियर ने विशेष आभार व्यक्त किया है।है।