मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के भोपाल में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को किया संबोधित, कहा-पीएम मोदी ने डिजिटल जनगणना कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया हैहै
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनगणना देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डाटा प्रक्रिया है। जनगणना के आधार पर सरकार की योजनाएं बनती हैं, संसाधनों का वितरण तय होता है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तैयार होती है। भारत विश्व का आज सर्वाधिक आबादी वाला राष्ट्र है। यह जनगणना केवल राष्ट्रीय नहीं बल्कि वैश्विक महत्व की भी है। जनगणना का कार्य केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला सबसे व्यापक और निर्णायक अभियान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनगणना-2027 के प्रथम चरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन में जनगणना-2027 की प्रक्रिया पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सत्र में मुख्य सचिव अनुराग जैन, रजिस्ट्रॉर जनरल तथा जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह शिवशेखर शुक्ला उपस्थित थे। सम्मेलन में प्रदेश के सभी संभागायुक्त, कलेक्टर्स, नगर निगम आयुक्त तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
मध्यप्रदेश में जनगणना का कार्य किया जाना है। प्रथम चरण में लोगों के घरों की गिनती होगी, जबकि दूसरे चरण में लोगों की गिनती होगी। भोपाल में शुक्रवार को जनगणना को लेकर राज्य स्तरीय कलेक्टर-कमिश्नर के प्रशिक्षण सम्मेलन का आयोजन हुआ। प्रशिक्षण सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मुख्य सचिव अनुराग जैन, रजिस्टार जनरल तथा जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण मुख्य रूप से उपस्थित थे। ग्वालियर जिले में जनगणना के कार्यों की प्रांरभिक तैयारियों के लिये रजिस्ट्रार जनरल, जनगणना आयुक्त व मुख्य सचिव मध्यप्रदेश ने ग्वालियर कलेक्टर रूचिका चौहान एवं नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय के कार्य की सराहना करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में जनगणना को लेकर किए गए कार्यों के अनुभव से अन्य जिलों को भी अपनी तैयारियां करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण सम्मेलन में रतलाम एवं सिवनी कलेक्टर की भी प्रशंसा की गई।
दो चरणों में होगी जनगणना
भारत की जनगणना विश्व का सबसे बड़ा प्रशासनिक कार्य है। भारत में जनांकिकीय व आर्थिक आकड़ों का ग्राम एवं वार्ड स्तर पर उपलब्ध कराने का एकमात्र स्रोत है। आगामी जनगणना पूर्व की जनगणनाओं की भांति इस बार भी 2 चरण में संपादित की जाएगी, जिसके लिए जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारत सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना 16 जून 2025 जारी की जा चुकी हैं।
