भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से भेंट कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े गंभीर एवं जनहित से संबंधित विषयों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने फॉर्म-6, 7 एवं 8 के अंतर्गत की जा रही कार्यवाही में पूर्ण पारदर्शिता, प्रक्रियागत एकरूपता तथा विधि-सम्मत एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किए जाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल आधारशिला है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही, अस्पष्ट निर्देश या भ्रमपूर्ण प्रक्रिया से लाखों पात्र नागरिक अपने संवैधानिक मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित होना अत्यंत आवश्यक है, जिससे किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से सूची से न हटे अथवा शामिल होने से वंचित न रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि SIR प्रक्रिया के अंतर्गत सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल, स्पष्ट एवं विधि-सम्मत दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि पूरे राज्य में समान रूप से नियमों का पालन हो और मतदाताओं में किसी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न हो। प्रतिनिधिमंडल में एसआईआर के प्रदेश संयोजक एवं विधायक भगवानदास सबनानी, पार्टी के प्रदेश मंत्री एवं सह-संयोजक रजनीश अग्रवाल तथा सह-संयोजक एसएस उप्पल उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि 23 दिसंबर 2025 को प्रारूप निर्वाचन नामावली के प्रकाशन के दौरान दी गई जानकारी के अनुसार ASDR में कुल 42,74,160 मतदाताओं को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर नहीं दिया गया। इनमें से दिवंगत एवं पूर्व में सम्मिलित मतदाताओं को छोड़ने के बाद भी अनुपस्थित एवं स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की संख्या 31,21,070 है। ऐसे सभी मतदाताओं को विधिवत नोटिस भेजने एवं जिनके मोबाइल नंबर उपलब्ध हों, उन्हें एसएमएस के माध्यम से सूचना देकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिए जाने का सुझाव दिया। स्थल पर भौतिक जांच कर पुनरीक्षण किया जाए, क्योंकि ऐसी जानकारी मिल रही है कि अनेक मतदाता वास्तव में उपलब्ध हैं, इसके बावजूद उन्हें अनुपस्थित या स्थानांतरित दर्शाया है। लापरवाही के कारण अनुमानित 20 लाख मतदाता नाम जुड़ने से वंचित रह गए हैं, जिसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने एवं अतिरिक्त फॉर्म-7 की प्रक्रिया को लेकर ERO/AERO एवं BLO स्तर पर व्याप्त भ्रम पर चिंता जताते हुए एकरूप दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
प्रतिनिधिमंडल ने 12 जनवरी एवं 16 जनवरी 2026 को सौंपे गए ज्ञापन का उल्लेख करते हुए फॉर्म-6, 7 एवं 8 तथा नो-मेपिंग प्रकरणों की सुनवाई में गति लाने की भी मांग की। जमा किए गए कुल फॉर्म और डिजिटाइज किए फॉर्मों की संख्या से राजनीतिक दलों को नियमित रूप से अवगत कराया जाए। कई बूथों से यह जानकारी मिल रही है कि फॉर्म जमा होने के बावजूद न तो डिजिटाइजेशन हो रहा है और न ही समय पर निराकरण। साथ ही सभी राजनीतिक दलों के BLA-2 द्वारा प्रस्तुत फॉर्म-6, 7 एवं 8 का विधानसभावार एवं बूथवार विवरण प्रतिदिन उपलब्ध कराया जाए, जिससे मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा धीमी प्रगति वाले बूथों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा सके। नो-मेपिंग प्रकरणों में सुनवाई के लिए बुलाए जा रहे मतदाताओं की सूची BLA-1 को देने का भी आग्रह किया गया, ताकि मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर उपस्थित होने की सूचना दी जा सके।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि SIR के अंतर्गत नो-मेपिंग श्रेणी के 8.65 लाख मतदाता सुनवाई हेतु उपस्थित हो रहे हैं, किंतु विशेषकर नगरीय क्षेत्रों में सुनवाई में देरी के कारण मतदाताओं को अत्यधिक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। इससे हतोत्साहित होकर अनेक मतदाता बिना सुनवाई के वापस लौट रहे हैं। इसके अतिरिक्त एक ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग तिथियों पर बुलाए जाने से हो रही असुविधा का भी उल्लेख ज्ञापन में किया गया है। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में सुझाव दिया है कि अधिकृत ERO एवं AERO शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवास कार्यक्रम बनाकर मतदान केंद्रों पर ही सुनवाई करें, जिससे मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी न हो और प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके।सके।
