कांग्रेस की विचारधारा और मातृशक्ति के प्रति निम्न स्तरीय संस्कार का प्रतिबिंब है बरैया का बयान, राहुल गांधी का बरैया के साथ मंच साझा करना महिला विरोधी मानसिकता का प्रमाण है:हेमंत खण्डेलवाल
भोपाल। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के महिलाओं को लेकर दिए दूषित बयान पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल एवं पार्टी की वरिष्ठ नेत्रियों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आलोचना की है। ग्वालियर, इंदौर, भोपाल एवं जबलपुर सहित पूरे प्रदेश मेंं भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी एवं कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर बरैया से सार्वजनिक माफी एवं कांग्रेस से निष्कासन की मांग की है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने समाज में जहर घोलने वाला बयान दिया है। विधायक बरैया का यह बयान कांग्रेस पार्टी की महिला और दलित विरोधी सोच को उजागर करता है। बरैया ने अपने बयान से सामाजिक विद्वेष फैलाने का काम किया है, जो किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। राहुल गांधी ने इंदौर में विधायक फूल सिंह बरैया के साथ मंच साझा किया। राहुल गांधी का यह कदम क्या बरैया के बयानों को मौन सहमति व स्वीकारोक्ति मानी जाए? राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी विधायक बरैया पर कार्रवाई करते हुए पार्टी से बाहर निकालें। बरैया के खिलाफ राहुल गांधी कोई कार्रवाई नहीं करते तो यह माना जाएगा कि अन्य समाजों को लेकर उनके मन में कोई सम्मान नहीं है।
वही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा महिलाओं को लेकर शर्मनाक बयान देने वाले कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के साथ राहुल गांधी ने मंच साझा कर कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता प्रदर्शित की है। बरैया का बयान कांग्रेस की विचारधारा और मातृशक्ति के प्रति निम्न स्तरीय संस्कार का प्रतिबिंब है। सोनिया व प्रियंका की चुप्पी कांग्रेस की कथनी और करनी उजागर करती है।
"कांग्रेस स्पष्ट करे कि वह बरैया के बयान से सहमत है या नहीं"
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का बयान समाज में जहर घोलने वाला है। सामाजिक विद्वेष फैलाने वाला बयान देने वाले कांग्रेस विधायक बरैया को राहुल गांधी तुरंत पार्टी से बाहर करें। राहुल गांधी प्रदेश में विधायक फूल सिंह बरैया के साथ मंच साझा करते हैं, उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि क्या कांग्रेस पार्टी ऐसे बयान देने वाले नेताओं के साथ खड़ी है ? यदि कांग्रेस वास्तव में सामाजिक सद्भाव, समानता और सम्मान में विश्वास करती है, तो उसे यह स्पष्ट करना होगा कि फूलसिंह बरैया के बयान को लेकर क्या विचार है? केवल बयान देना पर्याप्त नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई आवश्यक है। ऐसे लोगों को सार्वजनिक जीवन में रहने का कोई अधिकार नहीं है।अब समय आ गया है कि कांग्रेस नेतृत्व अपनी कथनी और करनी में अंतर समाप्त करे।
"नारी का सम्मान कांग्रेस के लिए मूल्य नहीं, सिर्फ़ वोट बैंक"
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी मंचों से महिला सम्मान और सशक्तिकरण की बातें करती हैं, लेकिन अपनी ही पार्टी के विधायक द्वारा दिए गए महिला विरोधी और अमर्यादित बयानों पर उनकी चुप्पी बहुत कुछ कहती है। यह चुप्पी स्पष्ट करती है कि यह कोई व्यक्तिगत भूल नहीं, बल्कि कांग्रेस की नीति और मानसिकता का हिस्सा है। कांग्रेस के लिए नारी सम्मान कोई मूल्य नहीं, बल्कि केवल एक वोट बैंक बनकर रह गया है। यह मामला केवल महिलाओं का नहीं, बल्कि दलित समाज की अस्मिता, संविधान की आत्मा और सामाजिक सौहार्द से जुड़ा हुआ है। प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है? क्या ऐसे बयानों पर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी उनकी सहमति मानी जाए? उन्होंने कहा कि भाजपा की स्पष्ट मांग है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। यदि ऐसा नहीं होता, तो कांग्रेस को महिला सम्मान, दलित अधिकार और सामाजिक न्याय की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
महिलाओं को लेकर रोज सवाल उठाने वाले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को भी इस मामले में अपनी और अपनी पार्टी की नीयत स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का सार्वजनिक रिकॉर्ड बताता है कि यह बयान एक सुनियोजित और लगातार चलने वाली विकृत मानसिकता का हिस्सा है। नारियों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“कांग्रेस विधायक का बयान समाज को आपस में लड़ाने वाला”
प्रदेश शासन की मंत्री निर्मला भूरिया ने कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान पर कहा कि भाजपा सरकार और हमारी पार्टी के नेता महिला सशक्तिकरण, सम्मान और सुरक्षा के लिए निरंतर हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसके विपरीत कांग्रेस के कुछ नेता और विधायक फूल सिंह बरैया जैसे लोग महिलाओं को लेकर शर्मनाक और विवादित बयान दे रहे हैं। मैं ऐसे बयानों की घोर भर्त्सना और कड़ी निंदा करती हूं। बरैया का बयान न केवल सभी समाज की महिलाओं का अपमान है। उनका बयान समाज में विद्वेष फैलाने और समाज को आपस में लड़ाने की कांग्रेस की मानसिकता को भी उजागर करता है। बरैया जैसे नेताओं का मकसद केवल विभाजन की राजनीति करना है। राहुल गांधी मध्यप्रदेश में आए हैं, उनसे स्पष्ट मांग है कि वे इस तरह के बयान देने वाले नेताओं को तत्काल पार्टी से निष्कासित करें।करें।
