ग्वालियर। निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ एवं भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत पूर्ण करें। यह निर्देश रोल प्रेक्षक एवं संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने ग्वालियर जिले के एसआईआर कार्य की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने बैठक में मौजूद राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को जानकारी दी कि नो – मैपिंग वाले मतदाताओं को जारी नोटिस की सुनवाई के दौरान संबंधित मतदाता आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है। साथ ही यदि सुनवाई में उपस्थित न हो पाएं तो वह संबंधित बीएलओ, ईआरओ व एईआरओ को भी दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है। शुक्रवार को संभाग आयुक्त कार्यालय में हुई बैठक में प्रभारी कलेक्टर कुमार सत्यम, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल बनवारिया, जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने राजनैतिक दल के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने दलों की ओर से नए मतदान केन्द्रों सहित सभी मतदान केन्द्रों के लिये बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) अवश्य नियुक्त करें। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि बीएलए संबंधित मतदान केन्द्र के क्षेत्र का ही निवासी हो। उन्होंने कहा कि बीएलए के माध्यम से सर्वे कराकर 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पात्र एवं नवविवाहित महिलाओं के छूटे नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिये फॉर्म-6 भरवाने का काम कराएं। साथ ही मृत व स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटवाने के लिये फॉर्म-7 व फॉर्म-8 भरवाकर बीएलओ को उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
68 हजार 540 नो-मैपिंग मतदाता, अनकलेक्टेबल 2.52 लाख 583 मतदाता
उप जिला निर्वाचन अधिकारी बनवारिया ने बैठक में जानकारी दी कि एसआईआर के तहत डोर टू डोर सर्वे के दौरान बीएलओ द्वारा 68 हजार 540 नो-मैपिंग मतदाता तथा अनकलेक्टेबल 2 लाख 52 हजार 583 मतदाता (अनुपस्थित, शिफ्टेट, मृत एवं रिपीटेड) चिन्हित किए हैं। मतदान केन्द्रों के युक्तियुक्तिकरण के बाद जिले में मतदान केन्द्र 1679 से बढ़कर 1935 हो गए हैं। बैठक में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा भी सुझाव दिए गए। साथ ही एसआईआर के काम में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया गया
