
ग्वालियर। कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर, राजा मानसिंह संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर और महाकवि भवभूति शोध एवं शिक्षा समिति ग्वालियर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय महाकवि भवभूति समारोह का समापन नगर निगम ग्वालियर के उपायुक्त प्रदीप श्रीवास्तव के मुख्य आतिथ्य में संस्कृत के विद्वानों का सम्मान शॉल एवं श्रीफल प्रदान कर किया गया।
इस अवसर पर कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन के निदेशक डॉ.गोविन्द गन्धे ने शॉल एवं श्रीफल द्वारा प्रदीप श्रीवास्तव, डॉ . भगवत शरण शुक्ल और प्रो.जेएन गौतम का सम्मान किया। कार्यक्रम में देशभर से आए संस्कृत के लगभग 100 से अधिक संस्कृत विद्वानों एवं कवियों का नगर निगम द्वारा सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में डॉ.गोविन्द गन्धे ने सम्पूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। नगर निगम उपायुक्त प्रदीप श्रीवास्तव ने सभी विद्वानों को सम्मानित करने के लिए नगर निगम के गौरवान्वित होने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम संस्कृत और संस्कृति के लिए हमेशा तत्पर रहा है। संस्कृत आज विश्व की महत्वपूर्ण भाषा बन चुकी है। अधिकतर भाषाओं की जननी संस्कृत है। कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे प्रो.जेएन गौतम ने कहा कि संस्कृत से ही सभी भाषाओं की शुरुआत हुई है।उन्होंने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की और आगे दिव्य-भव्य रूप में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सभी प्रकार का सहयोग देने का वचन दिया। डॉ. भगवत शरण शुक्ल ने कहा कि जो व्यक्ति संस्कृत से जुड़ा है वह निश्चित ही संस्कृति से अवश्य जुड़ा होगा।सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया । कार्यक्रम का संचालन डॉ. कृष्णा जैन व आभार डॉ. बालकृष्ण शर्मा ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ.विकास शुक्ला, अनिल बरोड़,डॉ.मनीष खैमरिया, डॉ.नरोत्तम निर्मल, डॉ.आशा शर्मा, डॉ.हरेन्द्र भार्गव,डॉ.गिर्राज गुप्ता, डॉ.काजल सक्सैना,प्रो.आईके पात्रो, प्रो.हेमन्त शर्मा, प्रो.एस.डी. सिसौदिया, डॉ. ज्योत्सना सिंह,डॉ.राजपाल सिंह जादौन, टोटन माइति सहित विभिन्न महाविद्यालयों के संस्कृत प्राध्यापक, शोधार्थी, छात्र छात्राएं एवं शहर के गणमान्य संस्कृत प्रेमी उपस्थित रहे।रहे।