
श्योपुर/ ग्वालियर। कूनो वनमंडल द्वारा अब कूनों की सरहदों से लगे ग्रामों के अलावा व्यापक स्तर पर चीता जागरूकता अभियान 25 मार्च से शुरू किया गया है। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं संचालक सिंह परियोजना शिवपुरी ने बताया कि इस अभियान में कूनों प्रशासन के साथ काम करने वाले दो एनजीओ कॉर्बेट फाउंडेशन और लास्ट वाइल्डरनेस फाउंडेशन को भी जोडा है।
बता दे कि सोमवार की घटना में कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकले 5 चीतों पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया था। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। जबकि मौके पर मौजूद पार्क की टीम ग्रामीणों से चीतों से दूर रहने की समझाईश देती रही, लेकिन ग्रामीण उनकी बात मनाने को तैयार नहीं थे। बीते सोमवार को कुनो से निकलकर चीता परिवार गांव में घुस गया था l इस दौरान चीते एक मवेशी पर झपटे तो ग्रामीणों की भीड़ लाठी लेकर मारने दौड़ी और भीड़ ने चीतों को पत्थर भी मारे । चीतों पर ग्रामीणों के पत्थर से हमला करने का वीडियो भी सामने आया है।है।
संचालक सिंह परियोजना शिवपुरी ने जानकारी दी कि गत 24 मार्च को सुबह के करीब 9 बजे ज्वाला और उसके चार शावकों ने कूनो वन्यजीव वनमंडल की सीमा से 6 से 7 किलोमीटर दूर खेतों से लगे बेहरापुरा गांव की सरहद में एक मवेशी के बछड़े का शिकार करने की कोशिश की। यह देखकर वहां जमा कुछ लोगों ने शोर मचाया, रेत फेंकी और बछड़े को बचाने के लिए हंगामा किया। मौके पर मौजूद निगरानी दल ने आगे कोई घटना न हो, इसके लिए प्रयास किया और चीतों को बछड़े से अलग करने का भी प्रयास किया। शोरगुल के चलते चीते जंगल में चले गए, जहां निगरानी दल फिलहाल उन पर नजर रख रहा है। पांचों चीते पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं।
घटना के बाद निगरानी दल और कूनो वन्यजीव वनमंडल तथा सामान्य वनमंडल श्योपुर के फील्ड स्टाफ ने वहां मौजूद लोगों से बातचीत की और उन्हें चीतों की सुरक्षा का महत्व समझाया और साथ ही चीतों के व्यवहार के बारे में जागरूक किया।
इसी क्रम में अब व्यापक स्तर पर चीता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जो अब कुनो वन्यजीव वनमंडल की सीमाओं से आगे बढ़कर सामान्य वनमंडल श्योपुर के गांवों में भी शुरू किया जायेगा।जायेगा।जायेगा।जायेगा।
चीतों की सुरक्षा के संबंध में एडवाईजरी जारी
कूनो वन्यप्राणी मंडल के डीएफओ आर थिरूकुरल ने चीतों के आबादी क्षेत्र में आने की घटनाओ के संबंध में एडवाईजरी जारी की है कि गांव के आसपास चीता दिखाई दे या आ जायें तो क्या करें और क्या न करें। इस संबंध में कहा गया है कि ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें तथा अपने गांव में संबंधित चीता मित्र से संपर्क करें। चीता दिखाई देने पर संयम बनाये रखे, चीता इंसानो के लिए खतरा नही है। ग्रामवासियों को चीते से दूरी बनाये रखने के लिए समझाये तथा अपने छोटे बच्चों एवं मवेशियों को घर के अंदर ही रखें। ऐसी स्थिति में चीते को सुरक्षित रास्ता दें, वह स्वयं ही गांव से दूर चला जायेगा। यदि चीता मवेशी पर हमला करने का प्रयास करता है तो तेज आवाज कर उसे दूर भगाने का प्रयास करें। यदि चीता किसी मवेशी को मार देता है तो मुआवजे का प्रावधान है। मुआवजा प्राप्त करने के लिए नजदीकी वन अधिकारी से तत्काल संपर्क किया जा सकता है।