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प्रशासन की पहल पर शिल्प बाजार में पुस्तक मेला शुरू ; पहले दिन ही अभिभावक का बच्चों के साथ मेला भरा, 29 मार्च तक चलेगा पुस्तक मेला, बड़ी संख्या में खरीदारी करने पहुँचे

विस अध्यक्ष एवं मंत्री ने किया पुस्तक मेले का फीता काटकर उदघाटन, बुक बैंक में जरूरतमंद बच्चों के लिये उत्साहपूर्वक पुस्तकें दान करने आ रहे हैं शहरवासी

ग्वालियर जिला प्रशासन की पहल पर विशाल पुस्तक मेला शनिवार से शुरू हो गया है। इस बुक फेयर का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को उचित और सस्ती दर पर पुस्तकें और स्टेशनरी उपलब्ध कराना है। इसके अलावा अभिभावकों को स्कूल संचालक व बुक सेलर्स की मोनोपॉली के साथ ही उन्हें लूट और शोषण से बचाना है। इसमें सबसे बड़ा खेल स्कूलों की पब्लिशर और पुस्तक विक्रेताओं से कमीशन खोरी पर लगाम लगाना है।इसी मकसद से बुक फेयर में ब्रांडेड स्टेशनरी एसेसरीज भी प्रतिबंधित हैं।

शनिवार को आज पुस्तक मेला के उदघाटन में विस अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के लिये सरकार का महत्व सबसे ज्यादा होता है। इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि आम परिवार तक शिक्षा की रोशनी और योजनाओं की आसान पहुँच हो। खुशी की बात है इसी भाव के साथ ग्वालियर जिला प्रशासन ने पुस्तक मेले के रूप में सराहनीय नवाचार किया है।  उन्होंने सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, महापौर शोभा सिकरवार व भाजपा जिला अध्यक्ष  जयप्रकाश राजौरिया के साथ फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलन कर पुस्तक मेले का शुभारंभ किया। 

स्कूली बच्चों को उचित दाम पर और एक ही परिसर में सुविधाजनक तरीके से किताबें, ड्रेस व स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिये मेला स्थित शिल्प बाजार (दस्तकारी हाट बाजार) में जिला प्रशासन द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के सहयोग से पुस्तक मेला लगाया है। शनिवार 22 मार्च से शुरू हुआ यह पुस्तक मेला 29 मार्च तक चलेगा। मेले के पहले ही दिन अभिभावकों व बच्चों में किताबें, यूनीफार्म व स्टेशनरी खरीदने के प्रति काफी उत्साह नजर आया। जहाँ अतिरिक्त डिस्काउंट मिलने से अभिभावक खुश थे, वहीं अच्छी बिक्री से दुकानदार भी। पुस्तक मेले में पेड फूड जोन भी लगा है। साथ ही राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा भी अपने उत्पादों के काउण्टर भी लगाए हैं। 

 तोमर ने कहा प्रसन्नता की बात है कि पुस्तक मेले में खरीदी पर अतिरिक्त छूट मिल रही है, इससे अभिभावकों को फायदा पहुँच रहा है। उन्होंने कहा  शिक्षा व स्वास्थ्य ऐसे क्षेत्र हैं जिसमें केवल सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी भी जरूरी है। निजी क्षेत्र के योगदान से तेजी से शिक्षा का लोकव्यापीकरण हुआ है। पर समय के साथ पाठ्य सामग्री व यूनीफॉर्म आदि की खरीदी को लेकर भ्रांतियां व विकृतियां भी पनपी हैं। पुस्तक मेलों से इस प्रकार की भ्रांतियों व विकृतियां दूर होंगीं। 

उन्होंने आर्थिक कमजोर व गरीब परिवारों के बच्चों के लिये पुरानी पुस्तकें दान में लेने के लिये पुस्तक मेले में बनाए बुक बैंक की सराहना विशेष रूप से की। साथ ही आह्वान किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सभी लोग बुक बैंक में अपने बच्चों की पुरानी पुस्तकें दान करने के लिये अपील करें। 

पुस्तक मेला के शुभारंभ पर सामाजिक न्याय मंत्री  कुशवाह ने कहा कि सरकार इस बात के लिये कृत संकल्पित है कि आम आदमी को अच्छी व्यवस्था के साथ सभी प्रकार की सुविधायें मिलें। इसीलिए ग्वालियर जिला प्रशासन ने पुस्तक मेले के रूप में अनूठा मेला लगाया है। यहाँ किसी एक दुकान से पुस्तकें, ड्रेस व स्टेशनरी खरीदने की बाध्यता नहीं है। अभिभावक अपनी पसंद से और छूट प्राप्त कर खरीदी कर सकते हैं। उन्होंने पुस्तक मेले के रूप में ग्वालियर जिले में हुए नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में ऐसे पुस्तक मेले लगाए जाने चाहिए। मंत्री कुशवाह ने कहा कि प्रदेशभर में पुस्तक मेले लगाने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह करेंगे। 

कलेक्टर  रुचिका चौहान ने पुस्तक मेले की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप पुस्तक मेले की रूपरेखा तैयार की है। जिसके तहत निजी स्कूलों व पुस्तक विक्रेताओं से अलग-अलग बैठकें कर चर्चाएं की गईं और इसके बाद यह मेला लगाया है। मेले में सभी तरह के डिस्काउंट के अलावा पुस्तक विक्रेताओं ने अलग से छूट दी जा रही है। एक ही परिसर में पाठ्य सामग्री व यूनीफॉर्म मिलने से अभिभावकों को काफी सुविधा महसूस हो रही है। 

पुस्तक मेले का उदघाटन  के बाद सभी अतिथियों  ने पुस्तक मेले के काउण्टरो  का अवलोकन किया। साथ ही दुकानदारों व बच्चों के साथ ही पुस्तकें खरीदने आए अभिभावकों से चर्चा कर उन्हें मेले की शुभकामनायें दीं।  

इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक अरविंद सक्सेना, कलेक्टर रुचिका चौहान, एसपी धर्मवीर सिंह, सीईओ विवेक कुमार, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय एवं अपर कलेक्टर टीएन सिंह सहित अन्य मौजूद थे। 

बुक बैंक के लिए कक्षावार-अलग काउण्टर बनाए  हैं

पुस्तक मेले में पुरानी पुस्तकें प्राप्त करने के लिये कक्षावार अलग-अलग काउण्टर बनाए गए हैं। शहरवासी उत्साह के साथ अपने बच्चों की पिछली कक्षाओं की पुस्तकें दान में देने के लिये आगे आ रहे हैं। दान में प्राप्त हुईं पुस्तकों को जिला प्रशासन द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को उपलब्ध कराई जायेंगीं। विस अध्यक्ष एवं मंत्री सहित अन्य अतिथियों ने पुस्तक मेले के उदघाटन कार्यक्रम में पुस्तक दान करने वाले अभिभावकों व उनके बच्चों को जिला प्रशासन की ओर से प्रशस्ति पत्र सौंपकर प्रतीक स्वरूप सम्मानित किया। इनमें डॉ. आदित्य कुमार व उनकी बिटिया पावन, निधि तथा  अमित कुमार पुरोहित व उनका बेटा अथर्व पुरोहित एवं मनोज कुमार व उनका बेटा रियान व पथिक शामिल हैं। 

पुस्तक मेले में स्वच्छता की शपथ भी दिलाई 

विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने पुस्तक मेले के उदघाटन कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनि , दुकानदारों, अभिभावकों व बच्चों को शहर को स्वच्छ रखने स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि घर का कचरा सड़क पर न फेंककर  कचरा वाहन में डालें। साथ ही सूखे व गीले कचरे के लिये घर में अलग-अलग डस्टबिन रखें।