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होली पर शराब को लेकर हुये झगड़े को सुलझाने वाले युवक की गोली मारकर हत्या का आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बदमाश का जुलूस निकाला

पुलिस ने सोमवार को कोर्ट के बाहर कलेक्ट्रेट रोड पर हत्या के आरोपी अमरजीत कुशवाहा को गिरफ्तार किया है, आरोपी कोर्ट में सरेंडर करने की फ़िराक़ में था

ग्वालियर। होली की रात लक्ष्मीगंज रोड बीच सड़क पर युवक की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने बीते रोज ही गिरफ्तार कर लिया था। जनकगंज थाना पुलिस ने अमरजीत कुशवाहा नाम के आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बदमाश का  जुलूस निकाला गया।

बता दे कि मामूली बात पर सुरेंद्र कुशवाहा नाम के युवक को कट्टे से गोली मारकर बदमाश अमरजीत कुशवाहा फरार हो गया था।

हत्या के आरोप में गिरफ्तार बदमाश होली की रात में नशे में झगड़ा कर रहा था। इसी दौरान सुरेंद्र नाम का युवक झगड़े में बीच-बचाव करने पहुंचा था , इसी बात पर अमरजीत कुशवाहा ने सुरेंद्र को गोली मारी थी और सुरेंद्र कुशवाहा की ईलाज के दौरान मौत हो गई थी।

घटनाक्रम के अनुसार होली पर शराब पीने के दौरान हुए विवाद में एक युवक की जान चली गई थी । शराबियों का झगड़ा शांत कराने पहुंचे युवक ने अपने से कम उम्र के लड़के को पहले डांटा और फिर थप्पड़ मार दिया। छोटे लड़के को बेइज्जती सहन नही हुई और वह दौड़कर घर कट्टा लेने गया और लौटकर युवक के पेट में सीधी गोली मार दी। गोली लगने से युवक की ईलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी। वहीं आरोपी युवक वारदात के बाद फरार हो गया था।  बताया जाता है कि विवाद शराब के एक पैग को लेकर शुरू हुआ था। जो बाद में बढ़ता गया और होली की रात लक्ष्मीगंज की मुख्य सड़क पर हत्या हो गई ।

जनकगंज थाना पुलिस के अनुसार एबी रोड लक्ष्मीगंज निवासी गजेंद्र सिंह कुशवाह (31) अपनी मां पूनम और कपिल अग्रवाल के साथ थाने पहुंचे। जिन्होंने 14 मार्च को जनकगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई। गजेंद्र ने बताया कि रात 9 बजे उनका भाई सुरेंद्र कुशवाह लक्ष्मीगंज चौराहे से घर आ रहा था। तभी रास्ते में एबी रोड पर रहने वाले रवि यादव का चीनी प्रजा​पति से विवाद हो रहा था। वहां पर चीनी का लड़का, अमरजीत व उसके दोस्त भी थे। ऐसे में सुरेन्द्र, कपिल, जीतू व कपिल कुशवाह बीच बचाव कराने लगे। झगड़ा खत्म होने पर सभी वहां से चले गए लेकिन सुरेंद्र, कपिल अग्रवाल, जीतू, कपिल कुशवाह और आशु यादव खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। तभी आरोपी अमरजीत वहां लौटकर आया और सुरेन्द्र से कहने लगा कि तुमने रवि को क्यों बचाया। जिसके बाद अमरजीत ने सुरेंद्र कुशवाह पर गोली चला दी। गोली सुरेंद्र के पेट में लगी, जिसके बाद घायल को जेएएच के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। बाद में एक निजी अस्पताल भी ले गए, मगर तब तक सुरेंद्र दम तोड़ चुका था। जनकगंज थाना प्रभारी वीपेंद्र सिंह के अनुसार हत्या के बाद से सभी आरोपी फरार थे। आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी । संभवनाओ के चलते कुछ टीमों को बाहर भी रवाना किया गया। इसी बीच 17 मार्च सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने न्यायालय के बाहर कलेक्ट्रेट रोड़ पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि हत्या का आरोपी अमरजीत कुशवाहा कोर्ट में सरेंडर करने की फ़िराक़ में था , लेकिन आरोपी अपने मंसूबे में कामयाब होता इससे पहले ही जनकगंज थाना पुलिस ने उसे कोर्ट के बाहर कलेक्ट्रेट रोड़ पर दबोच लिया । पकड़े गये आरोपी से जब हत्या के संबंध में पूछताछ की गई तो उसके द्वारा सुरेन्द्र कुशवाह के ऊपर जानलेवा फायर करना स्वीकार किया। जिस पर थाना जनकगंज पुलिस ने आरोपी को हत्या के प्रकरण में विधिवत गिरफ्तार किया। पकड़े गये आरोपी से घटना में प्रयुक्त हथियार एवं उसके साथियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

*सराहनीय भूमिका:-* थाना प्रभारी जनकगंज विपेन्द्र सिंह चौहान, एसआई मुनेद्र भदौरिया,  आलोक तोमर, प्रआर.नीरज शर्मा, जितेंद्र सिकरवार, रामकिशोर गोयल, मक्खन छारी, आरक्षक विद्या चरण शर्मा, नरेंद्र टोगर, इंद्र प्रकाश शर्मा, श्याम परिहार, मनोज कुशवाह, विकास मेहर, रामवीर धाकड़ की सराहनीय भूमिका रही।