
ग्वालियर। होली की दौज पर आज ग्वालियर में बड़ी संख्या में सेन्ट्रल जेल पहुंची बहनों ने कैदी भाइयों को तिलक कर भाई दौज मनाई। जेल प्रशासन ने बाहर से कोई भी मिठाई अंदर लाने की परमिशन नहीं दी थी है। ऐसे में यहाँ जेल में ही बने लड्डू से बहन और भाइयों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया है।
जेल में बंदी भाइयों को तिलक करने आई बहनों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए सेंट्रल जेल के अंदर खुले मैदान में बहनों ने अपने भाइयों को तिलक कर उनसे मुलाकात की। केन्द्रीय जेल अधीक्षक के अनुसार जेल प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं के तहत जेल में निरूद्ध लगभग 2700 बंदियों से उनकी लगभग 7000 माता-बहनें एवं उनके लगभग 1500 छोटे बच्चों ने मुलाकात की।
केन्द्रीय जेल अधीक्षक ने बताया कि केन्द्रीय जेल ग्वालियर में बंद बंदियों की माता-बहनों ने शांतिपूर्वक सुरक्षा के साथ भाईदूज पर मुलाकात की। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम के सहयोग से भाईदूज के अवसर पर बड़ी संख्या में बहनों ने पहुँचकर भाईयों से मुलाकात की। जेल अधीक्षक के अनुसार सुबह करीब 9 बजे से बहनों का सेंट्रल जेल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। केंद्रीय जेल पहुंची बहन अपने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनके साथ बैठके उनका हाल-चाल भी जाना। दोपहर 12 बजे तक करीब 4 हजार बहनें अपने कैदी भाइयों को तिलक कर चुकी हैं। शाम 4:00 तक 8 से 10 हजार बहने पहुंचकर अपने भाइयों के साथ भाई दूज मनाएंगी। जेल में बंद भाइयों के माथे पर तिलक करते वक्त बहन-भाई दोनों के आंसू छलक आए।जेल में भाईदूज पर मिलने आने वाली महिलाओं को अपने साथ खानपान का सामान लाने जाने पर प्रतिबंधित किया था। जेल में सुबह से ही हजारों बहनों पहुंच कर अपने भाई को तिलक कर भाई भाई-बहन के इस त्योहार को मनाया है। इस दौरान जेल में पुरुषों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा। भाइयों से मिलने आई बहनें जेल में किसी प्रकार की सामग्री अंदर नहीं ले जा सके इसके लिए तीन स्थानों पर चेकिंग व्यवस्था लगाई है। जेल में महिलाओं को प्रवेश देने से पहले उनके मोबाइल और पर्स बाहर जमा करवाए जा रहे हैं।
केन्द्रीय जेल ग्वालियर में बंदियों की माता-बहनों ने शांतिपूर्वक सुरक्षा के साथ भाईदूज पर मुलाकात की। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम के सहयोग से भाईदूज के अवसर पर बड़ी संख्या में बहनों ने पहुँचकर बंदी भाईयों से मुलाकात की।