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जरा सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है ; ट्रांसफार्मर व खंभों से दूर जलाएं होली, कुछ जरूरी सावधानियां बरतें : ऊर्जा मंत्री तोमर

ऊर्जा मंत्री तोमर ने दी बधाई: मप्र के तीन ताप विद्युत गृहों को फ्लाई ऐश के कुशल प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला

भोपाल। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने होली जलाने को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। कंपनी ने कहा कि ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभों से दूर होली जलाएं, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो और सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचे। कंपनी ने चेतावनी दी कि बिजली के तारों, उपकरणों और खंभों से छेड़छाड़ करना विद्युत अधिनियम 2003 के तहत दंडनीय अपराध है। जरा सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आम नागरिकों तथा ग्रामीणों से आग्रह किया है कि वे होली जलाने को लेकर सावधानी बरतें। ट्रांसफार्मर व खंभों से दूर होली जलाएं, ताकि किसी तरह की कोई दुर्घटना न हो। साथ ही सरकारी संपत्ति को किसी तरह की कोई क्षति न पहुंचे। उन्होंने कहा कि विद्युत लाईनों, उपकरणों एवं खंभों से छेड़खानी करना विद्युत अधिनियम 2003 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि जरा सी असावधानी या छेड़खानी से बड़े-बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं। इसलिए आम लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। ऐसी लाईनें जिनमें विद्युत शक्ति प्रवाहित होती है, यदि ऑंधी तूफान या अन्य कारणों से अकस्मात टूट जाएं तो उनके समीप जाकर, उन्हें छूकर खतरा मोल न लें। लाईन टूटने की सूचना निकटस्थ कंपनी अधिकारी को अथवा विद्युत कर्मचारी को शीघ्र दें, संभव हो तो किसी व्यक्ति को उस जगह, अन्य राहगीरों को चेतावनी देने के लिए रखें अथवा 1912 पर संपर्क कर सूचना जरूर देवें।

नये घर बनाते समय विद्युत पारेषण अथवा वितरण लाईन से समूचित दूरी रखें, यह कानून की दृष्टि से भी आवश्यक है। उचित फासले के विषय में स्थानीय बिजली कर्मचारी की सलाह लें। खेतों खलिहानों में ऊँची - ऊँची घास की गंजी, कटी फसल की ढेरियॉं, झोपड़ी मकान तंबू आदि विद्युत लाईनों के नीचे अथवा अत्यंत समीप न बनायें। विद्युत लाईनों के नीचे से अनाज, भूसे आदि की ऊंचाई तक भरी हुई गाड़ियॉं न निकालें इससे आग लगने एवं प्राण जाने का खतरा है।

गॉव और शहरों में होली का उत्साव मनाने के दौरान बहुत सी लकड़ियों को इकट्ठा कर चौराहों पर होलिका दहन किया जाता है। यदि विद्युत लाईनें ऊपर से जा रही हों तो तारों के नीचे होली नहीं जलानी चाहिए। क्यों कि आग की लपटों से एल्यूमिनियम के तारों के गलने और टूटने की संभावना होती है। बहुत से स्थानों पर बच्चे पतंग अथवा लंगर का खेल खेलने के दौरान तरह-तरह के धागे, डोर विद्युत की लाईनों में फंसा देते हैं। ऐसा करने से उन्हें रोकें। लाईनों में फंसी पतंग निकालने के लिए बच्चों को कभी भी खंभे पर चढने ना दें।

विद्युत लाईन पर तार या झाडियॉ न फेंके एवं लाईनों के नीचे ऊंचे तथा फलदार वृक्ष ना लगायें। यदि कोई ऐसा करता है तो इसकी सूचना पास के पुलिस थाने या विद्युत कंपनी के वितरण केन्द्र में दें। विद्युत लाईनों के पास लगे वृक्ष या उसकी शाखा न काटें यदि कटी डाल लाईन पर गिरती है तो आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है। अपने खेत, खलिहान, घर या संपत्ति की सुरक्षा के लिये अवरोधक तारों (फेंसिंग वायर्स) में विद्युत प्रवाहित न करें। यह कानूनी अपराध भी है इस प्रकार विद्युत का उपयोग करने वालों पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।

इस तरह से विद्युत सुरक्षा को लेकर आप भी सचेत रहें, और दूसरों को भी सचेत करें, ताकि किसी तरह की कोई दुर्घटना घटित न हों। आवश्यक जानकारी के लिये कंपनी के टोल फ्री नं.1912 पर कॉल लगाएं या फिर वितरण केन्द्र से संपर्क स्थापित करें।

ऊर्जा मंत्री  तोमर ने दी बधाई: मध्यप्रदेश के तीन ताप विद्युत गृहों को फ्लाई ऐश के कुशल प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला मिला

भोपाल। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी (एमपीपीजीसीएल) के सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया, सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी व अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई को फ्लाई ऐश के कुशल व प्रभावी प्रबंधन करने के लिए फ्लाई ऐश उपयोगिता-2025 विषय पर गोवा में आयोजित 14 वें अन्तर्राष्ट्रीय आवासीय सम्मेलन में सम्मानित किया गया। तीनों विद्युत गृह के अभियंताओं को यह पुरस्कार पूर्व केन्द्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रदान किया। यह अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन गैर लाभकारी संगठन मिशन एनर्जी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित किया था। सम्मेलन में एनटीपीसी, विभिन्न राज्यों की पॉवर यूटिलिटी व निजी पॉवर यूटिलि‍टी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और विद्युत गृहों से निकलने वाली फ्लाई ऐश के कुशल व प्रभावी प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा की।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पुरस्कार के लिए तीनों ताप विद्युत गृह के अभियंताओं व कार्मिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने फ्लाई ऐश के बेहतर प्रबंधन के क्षेत्र में निरंतर प्रयास और प्रतिबद्धता से जो मील का पत्थर स्थापित किया है, यह उपलब्धि न केवल पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और सतत विकास की मिसाल भी है।

किस श्रेणी में मिला पुरस्कार

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी व अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई को यह पुरस्कार 500 मेगावाट स्थापित क्षमता से कम श्रेणी और श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया को 500 मेगावाट स्थापित क्षमता से अधिक श्रेणी वर्ग में प्रदान किया गया। श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह ने 100 प्रतिशत से अधिक फ्लाई ऐश का सतत् व प्रभावी उपयोग किया है।

फ्लाई ऐश क्या है

फ्लाई ऐश कोयले की राख का सबसे महीन कण है। इसे फ्लाई ऐश इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसे दहन कक्ष से निकास गैसों द्वारा ले जाया जाता है। फ्लाई ऐश कोयले में खनिज पदार्थ से बना महीन पाउडर है, जिसमें कोयले में गैर-दहनशील पदार्थ और अधूरे दहन से बची हुई कार्बन की थोड़ी मात्रा शामिल होती है। फ्लाई ऐश आम तौर पर हल्के भूरे रंग की होती है और इसमें ज़्यादातर गाद के आकार और मिट्टी के आकार के कांच के गोले होते हैं। पर्यावरण संबंधी बढ़ती चिंता और समस्या की बढ़ती गंभीरता के कारण फ्लाई ऐश का प्रबंधन करना अनिवार्य हो गया है।