
ग्वालियर। सोमवार से शुरू हुए COP29 सम्मेलन में भारत जलवायु वित्त, जवाबदेही और कमजोर समुदायों को संरक्षण के मुद्दे पर फोकस रहा। अजरबैजान के बाकू में हो रहे इस सम्मेलन में दुनिया भर के नेता और पर्यावरणविदों को शामिल हुए। भारत की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे। यूयूएन ऑब्ज़र्वर भरत सिंह चतुर्वेदी ने बताया कि भारत के 19 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय पर्यावरण और वन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया।
सम्मेलन में भारत की प्रमुख प्राथमिकताएं जलवायु वित्त पर विकसित देशों की जवाबदेही सुनिश्चित करने, कमजोर समुदायों के लिए मदद सुनिश्चित करने और एक समान ऊर्जा बदलाव को हासिल करना होगा।
लगभग 200 देशों के प्रतिनिधियों, व्यापारिक नेताओं, जलवायु वैज्ञानिकों, पत्रकारों और विभिन्न अन्य विशेषज्ञों और हितधारकों के शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
COP29 का प्राथमिक लक्ष्य ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए एक साझा योजना विकसित करने के लिए देशों को एक साथ लाना है। यह विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से निपटने में मदद करने के लिए जलवायु वित्त को बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।