
ग्वालियर। आपसी समन्वय बनाकर मैच की सभी व्यवस्थाओं को उत्कृष्टता के साथ अंजाम दें। व्यवस्थायें ऐसी हों जिससे दर्शक, खिलाड़ी एवं ऑफिशियल्स ग्वालियर के मैच से अच्छे अनुभव लेकर जाएँ और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ग्वालियर का नाम हो। यह बात जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने ग्वालियर में 6 अक्टूबर को भारत और बांगलादेश के बीच होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट मैच की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने बुधवार को श्रीमंत माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम में वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों तथा एमपीसीए के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने बैठक के बाद स्टेडियम के विभिन्न स्टैण्ड व मैदान का भी जायजा लिया। बैठक में में तय किया कि पार्किंग सहित दर्शकों के आवागमन व अन्य व्यवस्थाओं की फायनल रिहर्सल 5 अक्टूबर को की जायेगी।
प्रभारी मंत्री सिलावट ने जिलेवासियों से अपील की है कि ग्वालियर को अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच की मेजबानी मिलना हम सबके लिये गर्व की बात है। इसलिए सभी व्यवस्थित रूप से मैच संपन्न कराने में सहभागी बनकर एक अच्छे मेजबान होने का परिचय दें। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि स्टेडियम की क्षमता 29 हजार दर्शकों की है। इसलिए सभी को टिकिट मिलना भी संभव नहीं है।
बैठक में संभाग आयुक्त मनोज खत्री, आईजी अरविंद सक्सेना, डीआईजी अमित सांघी, कलेक्टर रुचिका चौहान, एसपी राकेश कुमार सगर, जिला पंचायत सीईओ विवेक कुमार, नगर निगम आयुक्त अमन वैष्णव, स्मार्ट सिटी सीईओ नीतू माथुर, अपर कलेक्टर व जीडीसीए अध्यक्ष प्रशांत मेहता, एमपीसीए के रोहित पण्डित एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।
प्रभारी मंत्री सिलावट ने पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, जनसुविधाएँ एवं चिकित्सा आदि से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा सभी व्यवस्थायें हर हाल में 4 अक्टूबर तक पूर्ण कर लें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि टिकिटों की कालाबाजारी को सख्ती से रोकें। सिलावट ने खिलाड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखने पर भी बल दिया।
13 पार्किंग बनाईं: शुल्क देकर दर्शक वाहन पार्क कर सकेंगे
एमपीसीए व जीडीसीए द्वारा निजी एजेंसी के सहयोग से कुल 13 पार्किंग बनवाई गईं हैं। चार पहिया वाहन के लिए 100 रूपए एवं दुपहिया वाहन पार्क करने के लिये 50 रूपए शुल्क रखा है। साथ ही कहा कि सभी पार्किंग स्थल पर भी रोशनी, पेयजल, अस्थायी शौचालय व सीसीटीव्ही कैमरे की पुख्ता व्यवस्था करें। जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों की देखरेख में पार्किंग व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कुल 13 पार्किंगों में 7 चार पहिया वाहनों के लिये और 6 पार्किंग दुपहिया वाहनों के लिये रहेंगीं। मोतीझील की ओर और गोल पहाड़िया की तरफ यह पार्किंग बनाई गई हैं।
शाम 4 बजे खुलेंगे स्टेडियम के गेट, दर्शकों से समय से पहुँचने का आग्रह
बैठक में जानकारी दी गई कि मैच के दिन यानि 6 अक्टूबर को शाम 4 बजे श्रीमंत माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम के सभी गेट खोल दिए जायेंगे। जिन दर्शकों ने मैच के लिये टिकिट लिए हैं, उनसे समय से स्टेडियम पहुँचकर स्थान ग्रहण करने का आग्रह किया है।
परेशानी से बचने स्वयं वाहन चलाकर या पूल वाहनों से आएँ
बैठक में स्पष्ट किया गया कि गोल पहाड़िया से आगे तिघरा तिराहे, बहोड़ापुर, पुरानी छावनी चौराहा ऋतुराज होटल एवं मोतीझील से आगे उन्हीं लोगों को स्टेडियम की ओर जाने की अनुमति होगी, जिनके पास टिकिट होंगे। दर्शकों से आग्रह किया गया है कि वे परेशानी से बचने के लिये ड्रायवर की बजाय स्वयं वाहन ड्राइव करके आएँ। यथासंभव पूल वाहन से भी आने की कोशिश करें। वाहन में जिनके पास टिकिट होंगे उन्हें ही स्टेडियम रोड़ पर जाने दिया जायेगा।
चिन्हित स्थलों से बसों की और दूर वाली पार्किंग से टमटम की व्यवस्था
दूरस्थ पार्किंग स्थल से दर्शकों को स्टेडियम तक पहुँचाने के लिये टमटम की व्यवस्था भी की जा रही है। साथ ही शहर में ऐसे स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं जहाँ से विशेष बसों से दर्शकों को पार्किंग स्थल तक पहुँचाया जा सके। बसों की व्यवस्था नि:शुल्क रहेगी।
स्टेडियम से जुड़े मार्गों पर भी रहेगी रोशनी
दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखकर स्टेडियम को जोड़ने वाले मार्गों पर भी स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कराई जा रही है। मोतीझील वाले मार्ग पर स्ट्रीट लाइट के विद्युतीकरण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। यहाँ पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर भी रखवाए गए हैं। इसी तरह गोल पहाड़िया वाले मार्ग पर भी स्ट्रीट लाइट के लिए अस्थायी विद्युतीकरण का कार्य दो दिन में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। संभाग आयुक्त मनोज खत्री ने नगर निगम आयुक्त को इस व्यवस्था में सहयोग के निर्देश दिए हैं।
तीन हॉस्पिटल व 13 चिकित्सा कियोस्क बनेंगे
स्टेडियम परिसर में चिकित्सा सेवाओं की एहतियात बतौर पुख्ता व्यवस्था की गई है। दोनों टीमों के ड्रेसिंग रूम की ओर अलग-अलग अस्थायी हॉस्पिटल स्थापित किए हैं। साथ ही एक अतिरिक्त आईसीयू भी स्टेडियम परिसर में बनाया है। इसके अलावा विभिन्न स्टेण्ड में प्राथमिक चिकित्सा के 13 चिकित्सा कियोस्क भी बनाए जायेंगे। एमपीसीए द्वारा खिलाड़ियों के इलाज के लिये अपोलो हॉस्पिटल में व्यवस्था कराई है। इसके अलावा जेएएच एवं जिला चिकित्सालय को भी अलर्ट किया गया है।