
भोपाल। रबिन्द्रनाथ टैगोर विवि में बीते दिनों इकोफ्रेंडली गणेशजी बनाने की एक अनूठी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में भोपाल के माटी कला विशेषज्ञ लखन प्रजापति द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
इस कार्यशाला में जहां विवि के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, वहीं विवि के टीचर्स भी शामिल हुए। छात्रों ने यहां मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमा बनाना सीखा और विभिन्न रूप में भगवान गणेश की प्रतिमा तैयार की।
मानविकी एवं उदार कला संकाय की डीन डॉ.रुचि मिश्रा तिवारी ने बताया कि मूर्ति बनाने की कार्यशाला आयोजित करने का मूल उद्देश्य यही है कि हमें अपनी धार्मिक भावनाओं को अब प्रकृति से जोड़ना होगा। क्योंकि ये मूर्तियां हम सभी नदी या तालाब आदि में विसर्जित करते हैं। जो मूर्तियां वर्तमान में प्रयोग की जाती हैं, उनमें रासायनिक रंगों और प्लास्टर ऑफ पेरिस का प्रयोग किया जाता है। जो कि नदी अथवा तालाब में विसर्जन के बाद घुलकर जल को प्रदूषित करते हैं।
विभागाध्यक्ष डॉ हर्षा शर्मा ने बताया कि पर्यावरण को दूषित होने से बचाने के उद्देश्य से और आने वाले गणेश उत्सव के लिए मिट्टी के गणेश जी का निर्माण की कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें विद्यार्थियों ने बड़ी तन्मयता के साथ में गणेश जी बनाने की कला को सीखा है। इस अवसर पर के लगभग आधा सैकड़ा से अधिक छात्रों ने प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। साथ में विवि के शिक्षक- शिक्षिकाओं ने भी गणेश प्रतिमा बनाना सीखा। इस कार्यशाला में डॉ हर्षा शर्मा, डॉ अमित नेम, डॉ कंचन मातनकर, डॉ. गायत्री राजपूत, डॉ. शैलेन्द्र सिंह , प्रीति शर्मा आदि शिक्षक शिक्षिकायें उपिस्थत रहे।रहे।