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"रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव": निवेश के लिए बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र है ग्वालियर-चंबल अंचल : CM बोले- उद्योगपति निवेश करेंगे तो अंचल में बढ़ेगा कारोबार

मुख्यमंत्री ने रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव की तैयारी के सिलसिले में क्षेत्रीय उद्योगपतियों से किया संवाद, ग्वालियर कॉन्क्लेव से प्राप्त होगा बड़ा औद्योगिक निवेश

ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने 28 अगस्त को होने वाली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को लेकर गुरुवार शाम को ग्वालियर कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया वर्चुअल एवं विधानसभा अध्यक्ष तोमर बैठक में शामिल हुए। 

 मुख्यमंत्री  यादव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र पूरे प्रदेश में निवेश के लिये सबसे अच्छी व बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र है। ग्वालियर शहर देश की राजधानी नई दिल्ली के पास होने के साथ-साथ उत्कृष्ट हवाई, रेलवे व सड़क सेवाओं से पूरे देश से जुड़ा है। इसलिए हमें भरोसा है कि ग्वालियर में 28 अगस्त को आयोजित होने जा रही “रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव” से इस क्षेत्र के लिए बड़ा औद्योगिक निवेश प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर व चंबल संभाग के जिलों के उद्योगपतियों, औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि निवेश केवल बड़ी इकाईयों में ही नहीं, अपितु रोजगारपरक इण्डस्ट्रीज में हो, जिससे ज्यादा से ज्यादा स्थानीय लोगों को रोजगार मिले।

          CM डॉ यादव ने ग्वालियर कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष से भिण्ड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, गुना, अशोकनगर व शिवपुरी जिले के उद्योगपतियों से वर्चुअल संवाद किया। ग्वालियर के उद्योगपति बैठक में प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे। जिले के प्रभारी  मंत्री  तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मंत्री राकेश शुक्ला एवं सांसद  कुशवाह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

          संवाद के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, स्थानीय उद्यमियों के प्रोत्साहन एवं बड़े पैमाने पर स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव की श्रृंखला चलाई जा रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर में 28 अगस्त को रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन हो रहा है। इस कॉन्क्लेव से पहले से कार्यरत औद्योगिक इकाईयों को विस्तार देने में मदद तो की ही जायेगी। साथ ही क्षेत्र को बड़े पैमाने पर नया औद्योगिक निवेश प्राप्त होगा। उन्होंने कहा सरकार का प्रयास है कि बाहर के निवेशक आकर हमारे प्रदेश में औद्योगिक निवेश करें, स्थानीय उद्यमियों को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिये अनुकूल वातावरण मिले और पूर्व से संचालित इकाईयों का विस्तार हो।

          मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल के बीहड़ क्षेत्र की जमीन पर डिफेन्स सेक्टर में निवेश के लिये विशेष प्रयास किए जायेंगे। इसके लिए केन्द्रीय रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह से जल्द ही चर्चा की जायेगी। उन्होंने कहा अडानी समूह व अन्य बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने डिफेंस सेक्टर में निवेश करने के लिये रुचि दिखाई है। डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में आईटी, पर्यटन, एथेनॉल उत्पादन, लैदर फुटवियर, खाद्य प्रसंस्करण व दुग्ध आधारित इकाईयों के निवेश को भी पूरा प्रोत्साहन देगी।

  उद्योगपतियों की समस्याओं का समाधान कलेक्टर डेस्क लगाकर करायेंगे 

          CM डॉ. मोहन ने संवाद के दौरान उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि ओद्योगिक इकाईयों से संबंधित उनकी हर समस्या का समाधान तत्परता से कराने सरकार कटिबद्ध है। इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि वे उद्यमियों की समस्याओं का समाधान विशेष हैल्पडेस्क लगाकर करें। सभी जिला कलेक्टर से निराकरण की हर माह रिपोर्ट ली जायेगी।

"रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव" नया इतिहास रचेगी : सिंधिया

          केन्द्रीय संचार मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसमें रीजनल स्तर पर इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही हैं। इससे देशभर के उद्योगपतियों में सकारात्मक संदेश गया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति धन्यवाद जताया। साथ ही कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर इण्डस्ट्री समिट के आयोजन से हर संभाग की अलग-अलग क्षमताओं के आधार पर औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। सिंधिया ने विश्वास जताया कि ग्वालियर की इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में नया इतिहास रचेगी। 

          विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा  औद्योगिकीकरण के लिये जिन आधारभूत चीजों की जरूरत होती है वह सभी ग्वालियर-चंबल संभाग में प्रचुर मात्रा में हैं। साथ ही यहाँ की कनेक्टिविटी भी उत्कृष्ट है। उन्होंने भरोसा जताया कि ग्वालियर की समिट से ग्वालियर – चंबल क्षेत्र को बड़ा औद्योगिक निवेश प्राप्त होगा। 

          संवाद के दौरान उद्योगपतियों ने प्रदेश में निवेश के लिये उपलब्ध कराए जा रहे बेहतर वातावरण व उत्कृष्ट अधोसंरचनागत सुविधाएँ एवं प्रोत्साहन की खुलकर सराहना की। ग्वालियर के बड़े उद्योगपति एवं सीआईआई के प्रतिनिधि आशीष वैश्य व  पुनीत डावर का कहना था कि मध्यप्रदेश की उद्योग फ्रेंडली नीति की बदौलत अन्य राज्यों के उद्योगपति मध्यप्रदेश में निवेश के लिये लालायित हैं। अन्य राज्यों की इण्डस्ट्रीज समिट में मध्यप्रदेश की उद्योग नीति की सराहना हो रही है।  ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों के उद्योगपतियों ने अपनी बात रखी और सुझाव दिए। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने सभी को भरोसा दिलाया कि वे अपने औद्योगिक इकाईयों के विस्तार व व्यापार को आगे बढ़ाने के लिये आगे आएं। सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी।

मुख्यमंत्री को उद्योगपतियों ने सौंपा  पत्र

          ग्वालियर-चंबल संभाग में औद्योगिक विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अनुकूल वातावरण पर बैठक में उद्योगपतियों एवं औद्योगिक संगठनों  ने मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही डॉ. यादव को ग्वालियर क्षेत्र के उद्योगपतियों की ओर से चेम्बर ऑफ कॉमर्स  व लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी ने कृतज्ञता पत्र सौंपा।

इनकी भी रही मौजूदगी

          ग्वालियर में  हुई बैठक में मुख्यमुख्यमंत्रीमंत्री कार्यालय के प्रमुख सचिव  राघवेन्द्र सिंह, पुलिस महानिरीक्षक  अरविंद सक्सेना व डीआईजी अमित सांघी, कलेक्टर  रुचिका चौहान, एसपी धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त अमन वैष्णव व औद्योगिक विकास निगम के कार्यकारी संचालक  प्रतुल चंद सिन्हा सहित अन्य संबंधित अधिकारी तथा ग्वालियर के उद्योगपति एवं चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष व लघु उद्योग भारती सहित अन्य मौजूद थे। ग्वालियर-चंबल संभाग के अन्य जिलों के उद्योगपति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस संवाद में शामिल हुए।