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“रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव” की तैयारी समीक्षा; CM डॉ. यादव ने कहा हर जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित होंगे

ग्वालियर में 28 अगस्त को होने जा रही कॉन्क्लेव की वीसी के जरिए CM ने की वर्चुअल समीक्षा, प्रभारी मंत्री सिलावट व मंत्री तोमर सहित अन्य मंत्री भी हुए शामिल

ग्वालियर कलेक्ट्रेट में संभाग आयुक्त, आईजी, कलेक्टर व एसपी सहित अन्य अधिकारी रहे मौजूद

ग्वालियर/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर में आगामी 28 अगस्त को होने जा रही रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव की तैयारियों की वर्चुअल समीक्षा की। उन्होंने कॉन्क्लेव की तैयारियों की जानकारी ली । साथ ही कॉन्क्लेव को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिये आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किए जायेंगे, जिसके नोडल अधिकारी जिले के कलेक्टर रहेंगे। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

          मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में संपन्न उच्च स्तरीय बैठक के साथ ही वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से विभिन्न क्षेत्र में निवेश के लिए कांक्लेव के सत्रों के आयोजन के बारे में चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्वालियर और चंबल संभाग में उद्योगों की स्थापना का अच्छा वातावरण बनाया जाए। सभी निवेश प्रस्तावों पर मंथन कर समन्वय से उन्हें क्रियान्वित करने पर फोकस किया जाए। बैठक में जानकारी दी  कि ग्वालियर की रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव में देश-विदेश के औद्योगिक प्रतिनिधि और बड़े-बड़े उद्योगपति शामिल होंगे। साथ ही लगभग 2500 स्थानीय औद्योगिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। कॉन्क्लेव में नीदरलैंड, घाना, कनाडा, मेक्सिको सहित अन्य देशों के प्रतिनिधियों के आने की सहमति मिल चुकी है। कॉन्क्लेव के दौरान औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटन का कार्य भी होगा।

          भोपाल में आयोजित हुई बैठक में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुख्य सचिव वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से ग्वालियर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री  तुलसी सिलावट, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत, मंत्री राकेश शुक्ला शामिल हुए।

          यहाँ ग्वालियर कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष में संभाग आयुक्त मनोज खत्री, पुलिस महानिरीक्षक  अरविंद सक्सेना, कलेक्टर  रुचिका चौहान, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त  अमन वैष्णव, अपर कलेक्टर  अंजू कुमार व टीएन सिंह तथा आईडीसी के कार्यकारी संचालक  प्रतुल चंद सिन्हा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

आईटी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं का पूर्ण दोहन करें

          मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन, खाद्य प्र-संस्करण और आईटी के क्षेत्र में संभावनाओं के पूर्ण दोहन के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कॉन्क्लेव में निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए भरपूर प्रयास किए जाएं। स्थानीय एवं बाहरी निवेशक दोनों का स्वागत करें। स्थानीय उद्योगपतियों की भी समस्याओं को जानकर उन्हें आवश्यक सहयोग करें। सभी कलेक्टर्स अपने जिलों में उपलब्ध ऐसी भूमि की जानकारी रखें जहां उद्योगों की स्थापना हो सकती है। प्रत्येक जिले में कलेक्टर उद्योगपतियों से निरंतर संवाद बनाएँ रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में लघु और कुटीर उद्योगों के सहायता समूह की गतिविधियों के कार्यों को बढ़ाया जाए। हैंडलूम और उद्यानिकी में भी कार्य हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कलेक्टर्स प्रभारी मंत्रियों से भी चर्चा करें और नियमित संवाद रखें। बैठक में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग राघवेंद्र कुमार सिंह ने प्रेजेंटेशन दिया।