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संभाग में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत 315 इकाईयां स्थापित, संभाग आयुक्त खत्री ने वित्तीय वर्ष में भी लक्ष्य हासिल करने के दिए निर्देश

संभाग के सभी जिलों में खाद्य संबंधी इकाईयां स्थापित करने के लिये कुल मिलाकर 453 प्रकरण बैंकों द्वारा स्वीकृत किए, इनमें से 315 इकाईयां मूर्तरूप ले चुकी हैं

ग्वालियर । प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएम एफएमई) के तहत ग्वालियर संभाग में वर्ष 2023-24 के दौरान 315 विभिन्न प्रकार की स्वरोजगारमूलक इकाईयाँ स्थापित कराई गई हैं। इस योजना के तहत संभाग के सभी जिलों में खाद्य संबंधी इकाईयां स्थापित करने के लिये कुल मिलाकर 453 प्रकरण बैंकों द्वारा स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 315 इकाईयां मूर्तरूप ले चुकी हैं। संभाग आयुक्त मनोज खत्री ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में भी इस योजना के तहत लक्ष्य के अनुरूप सभी जिलों में स्वरोजगारमूलक इकाईयां स्थापित कराने के निर्देश उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।

उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग के संभागीय कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत ग्वालियर जिले में बैंकों द्वारा 248 प्रकरण स्वीकृत किए गए थे। इनमें से 147 इकाईयां स्थापित की जा चुकी हैं। ग्वालियर जिले में खासकर हर्बल जूस, ड्राइड फल, खाने की ग्रेवी (रेडी टू ईट) व पनीर निर्माण की इकाईयां विभिन्न हितग्राहियों ने स्थापित की हैं।

इसी तरह संभाग के शिवपुरी जिले में बैंकों से मिले ऋण के आधार पर 99 इकाईयां, दतिया जिले में 19, गुना जिले में 35 व अशोकनगर जिले में 15 इकाईयां पिछले वित्तीय वर्ष में स्थापित कराई गईं। बैंकों द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष अर्थात वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत शिवपुरी जिले में 75, दतिया में 39, गुना में 64 व अशोकनगर जिले में 27 प्रकरण मंजूर किए गए।

शिवपुरी जिले में आईसक्रीम, बटर, हल्दी पाउडर, सेव, पनीर व घी, दतिया जिले में पोहा, कुकीज, ब्रेड, कैंडी, नमकीन व पनीर, गुना जिले में सेव, चिप्स, अचार, टमाटर सॉस, मिर्ची पाउडर, ड्राइज प्याज व फ्लेक्स एवं अशोकनगर जिले में नूडल्स, पास्ता, केले के चिप्स, पापड़ व धनिया मसाला निर्माण इकाई स्थापित कराई गई हैं।

ग्रामीण स्वरोजगार संस्थान; प्रशिक्षण के साथ बैंकों से दिलाया जाता है स्वरोजगार के लिये ऋण

ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों का प्रशिक्षण लेकर जरूरतमंद युवा अपना स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकते हैं। ग्वालियर में वर्तमान में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जिला पंचायत व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से स्वरोजगारियों को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के संचालन का प्रशिक्षण इस संस्थान में दिया जा रहा है। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त हितग्राहियों को बैंक से आर्थिक गतिविधि के लिए ऋण दिलाने में भी मदद दी जाती है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार ने इस संस्थान का निरीक्षण किया एवं संस्थान के प्रशिक्षण को और प्रभावी बनाने के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक जतिन वलेचा ने बताया कि संस्थान में ब्यूटी पार्लर, सिलाई, डेयरी फार्म, वर्मी कम्पोस्ट, सॉफ्ट खिलौने बनाना, सामान्य उद्यमिता विकास कार्यक्रम, मशरूम पालन, मोबाइल रिपेयरिंग, अचार-पापड़ बनाना, पापड़ टिक्कल मसाला पाउडर, फास्ट फूड, पेपर कवर, कस्टम ज्वैलरी, होम मेड अगरबत्ती, मोमबत्ती, सब्जी प्रबंधन, कम्प्यूटर प्रशिक्षण, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल एवं रबर इत्यादि सहित कुल मिलाकर 64 प्रकार की स्वरोजगारमूलक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है। संस्थान में इन गतिविधियों का प्रशिक्षण पूर्णत: नि:शुल्क दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान आवेदकों के खाने-पीने व आवास की नि:शुल्क व्यवस्था रहती है। प्रशिक्षण के बाद प्रमाण-पत्र भी संस्थान द्वारा दिया जाता है। जिसके आधार पर हितग्राही बैंक से ऋण व सरकारी योजनाओं के तहत अनुदान प्राप्त कर सकते हैं।

विस्तृत जानकारी के लिए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशकजतिन वलेचा से मोबाइल नम्बर 9109169868 पर संपर्क किया जा सकता है।