
ग्वालियर। योग के द्वारा व्यक्ति के शारीरिक विकास से साथ-साथ मानसिक विकास भी होता है। महर्षि पतंजलि ने आठ चरण यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, ध्यान, धारणा और समाधि के बारे में शिक्षा दी है। इन्हें अपनाकर हम अपने जीवन को स्वस्थ और सुखमय बना सकते हैं। यह विचार मध्यप्रदेश योग आयोग के अध्यक्ष वेदप्रकाश शर्मा ने शासकीय उमावि मॉडल डीडी नगर में आयोजित हो रहे समर कैंप में व्यक्त किए।
योग आयोग के अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि महर्षि पतंजलि के अनुसार इन राहों पर चलकर व्यक्ति देवत्व को प्राप्त कर सकता है। शर्मा ने योग क्लब प्रभारियों की बैठक में कहा कि योग आयोग द्वारा दस मिनट का योग प्रोटोकाल तैयार किया गया है, जिसे नए शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा। शर्मा ने योग का लाभ जन जन तक पहुंचाने के लिए शिक्षकों से हर गांव में योग कक्षा शुरुआत करने का आव्हान किया। साथ ही कहा कि हर जिले में मुख्यमंत्री शासकीय जिला योग प्रशिक्षण खोला जाएगा।
प्रशिक्षक देवीदयाल भारती ने कहा कि योग के क्षेत्र में ग्वालियर पूरे प्रदेश में अग्रणी है। जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार ने कहा कि योग विद्यार्थी जीवन में संजीवनी के सामान है। योग शरीर, मन और आत्मा को नियंत्रित करने में मदद करता है।
जिला योग प्रभारी दिनेश चाकणकर ने बताया ग्वालियर जिले के सभी शासकीय हाईस्कूल और उमावि में योग क्लब का गठन हो गया है। साथ ही जिले में तीन स्थानों पर जनसामान्य के लिए भी योग कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। विश्व योग दिवस पर ग्वालियर के सभी सामाजिक और योग संगठनों के सहयोग से योगाभ्यास किया जाएगा।
आरंभ में योग आयोग के अध्यक्ष शर्मा द्वारा योगाभ्यास और प्राणायाम कराया गया। इस अवसर पर योग क्लब प्रभारी श्रीकांत शर्मा को सम्मानित किया। अतिथियों का स्वागत संस्था के प्राचार्य रंजीत सिंह चौहान द्वारा तथा आभार प्रदर्शन अहिबरन सिंह ने किया। कार्यक्रम में जिले के समस्त विकासखंड योग प्रभारी तथा योग क्लब प्रभारी उपस्थित थे।