
ग्वालियर। हिंदू पंचाग अनुसार भाद्रपद महीना भगवान गणेश की पूजा-आराधना के लिए समर्पित होता है। हर वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर देशभर गणेशोत्सव का पर्व बड़े ही जोश, उमंग और उत्साह के साथ मनाया जाता है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से 10 दिनों तक चलने वाला गणपति उत्सव अनंत चतुर्दशी तिथि तक चलता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कहा जाता है कि इस माह की चतुर्थी तिथि को गणपति बप्पा का जन्म हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश भगवान को कई नामों से जाना जाता है। कोई इन्हें बप्पा कहता है, तो कोई गणपति! उन्हें और भी नामों से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे 10 दिनों तक मनाया जाता है। गणपति बप्पा का महापर्व गणेश चतुर्थी कल यानी 19 सितंबर 2023 को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। शहरवासी इस बार पर्यावरण की सुरक्षा की दृष्टि से त्यौहार मना रहे हैं तो इसका ध्यान रखते हुए मूर्तिकार भी मूर्तियां तैयार की हैं।
गणेश चतुर्थी पर घर-घर भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित किया जाता है। इसके अलावा बड़े-बड़े पांडालों में भी गणेश भगवान की भव्य प्रतिमा का स्थापित कर 10 दिनों तक पूजा-अर्चना का कार्यक्रम चलता है। शहर में भी गणपति के स्वागत की तैयारियां पूरी , मूर्ति से मोदक और लड्डू तक हर बाजार में रौनक दिखाई दे रही है।
शहर की गणेश प्रतिमा की दुकानों पर मिट्टी की प्रतिमाएं सबसे प्रमुखता से देखने मिल रही है। इस बार मिट्टी की प्रतिमाओं की कीमत 100 रू लेकर बड़ी प्रतिमा हजारों में हैं। हालांकि घरों में विराजित करने वाली प्रतिमाएं छोटी होती है। वहीं भगवान गणेश की प्रतिमा को सजाने संवारने शहर में पूजन सामग्री व साज-सज्जा की दुकानें भी सज चुकी है। इन दुकानों पर गणेश की मोती की माला, पगड़ी, अंग वस्त्र, बिछाने वाला कपड़ा, आभूषण शामिल है जो त्यौहारों की रौनक में चार चांद लगा रहे हैं।
गणेशोत्सव की शुरुआत 19 सितंबर को
सनातन धर्म में गणेश चतुर्थी के पर्व का विशेष महत्व होता है। वैदिक पंचांग की गणना के मुताबिक, इस वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 18 सितंबर 2023 को दोपहर 02 बजकर 9 मिनट पर होगी। वहीं 19 सितंबर 2023 को दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर चतुर्थी तिथि समाप्त हो जाएगी। ऐसे में उदय तिथि के आधार पर गणेश चतुर्थी और 10 दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव की शुरुआत 19 सितंबर को रहेगी।
गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर घर-घर भगवान गणेश की स्थापना का महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणेश चतुर्थी तिथि पर शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित करने पर जीवन में सुख-समृद्धि सहित सभी तरह के शुभ फलों की प्राप्ति होती है। गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित करने के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान दिया जाता है। ऐसे में इस वर्ष गणेश प्रतिमा की स्थापना का शुभ मुहूर्त 19 सितंबर को सुबह 11 बजकर 7 मिनट से दोपहर 01 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। ऐसे में आप इस शुभ मुहूर्त के बीच में घर पर गणपति बप्पा का स्वागत कर सकते हैं।
गणेश चतुर्थी का महत्व
हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना गया है। किसी भी शुभ और मांगलिक कार्यक्रम में सबसे पहले गणेशी जी वंदना और पूजा की जाती है। भगवान गणेश बुद्धि, सुख-समृद्धि और विवेक का दाता माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश जी का जन्म भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि, स्वाति नक्षत्र और सिंह लग्न में दोपहर के प्रहर में हुआ था। ऐसे में गणेश चतुर्थी के दिन पर अगर आप घर पर भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना करने जा रहे है तो दोपहर के शुभ मुहूर्त में करना होता है। गणेश चतुर्थी तिथि लेकर अनंत चतुर्दशी तक यानी लगातार 10 दिनों तक विधि-विधान के साथ गणेश जी की पूजा उपासना किया जाता है। गणेश जी की पूजा करने से जीवन में आने वाली सभी तरह की बाधाएं और संकट दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
गणेश चतुर्थी पूजा विधि
इस दिन सुबह जल्दी उठकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें।गणेश प्रतिमा की स्थापना के लिए एक चौकी लें और इस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं।
इसके बाद भगवान गणेशजी की पूरे विधि विधान के साथ स्थापना करें। ध्यान रखें की गणेशजी की स्थापना करते समय गणेशजी के मंत्रों का जप जरुर करें। इसके बाद भगवान गणेश की विधि विधान के साथ पूजा शुरु करें। ध्यान रखें की सबसे पहले गणेशजी की मूर्ति गंगाजल से पवित्र करें और इसके बाद उन्हें फूल दूर्वा आदि अर्पित करें। इसके बाद गणेशजी को मोदक का भोग लगाएं। अंत में गणेशजी की घी का दीपक जलाकर आरती करें।