
ग्वालियर। मेधावी छात्र सतीश परिहार ने मात्र 21 साल की उम्र में यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता हासिल कर ली, पर रिजल्ट देखने में हुई छोटी सी गलती से वे यूपीएससी की मुख्य परीक्षा नहीं दे पाए। जिला प्रशासन एवं आदर्श परिवार और आधुनिक नालंदा संस्था के साझा प्रयासों से आदर्श विज्ञान महाविद्यालय (साइंस कॉलेज) में जरूरतमंद विद्यार्थियों को यूपीएससी और पीएससी की तैयारी कराने के लिये संचालित नि:शुल्क कोचिंग में सतीश परिहार यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं।
प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने के बाबजूद इस साल यूपीएससी मुख्य परीक्षा देने से वंचित रह गए सतीश परिहार जरा भी निराश नहीं हैं। वे कहते हैं कि नि:शुल्क कोचिंग में पढ़ाई कर वे फिर से सफलता हासिल करेंगे। कलेक्टर रुचिका चौहान ने सतीश को अगली परीक्षा में सफलता के लिये शुभकामनायें देकर उनका उत्साहवर्धन किया है। उन्होंने सतीश से कहा है तैयारी जारी रखें सफलता फिर कदम चूमेगी। साथ ही नि:शुल्क कोचिंग के मुख्य संचालक राजू सर, टीका सर एवं महेन्द्र सर ने भी सतीश को शबाशी देकर उनका मनोबल बढ़ाया है। शिक्षकों ने कहा कि अगले वर्ष 25 मई 2025 को होने जा रही यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा मन लगाकर तैयारी करें। नि:शुल्क कोचिंग उनकी पूरी मदद करेगी।
पृथ्वी की उत्पत्ति और विकास पर हुआ व्याख्यान
सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिये साइंस कॉलेज में संचालित नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस में शिक्षक सुलेखराज शिवहरे ने पृथ्वी की उत्पत्ति और उद्भव पर व्याख्यान दिया। साथ ही शिक्षक महेंद्र सिंह ने संसद के कार्यों एवं शक्तियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। नि:शुल्क कोचिंग में सामान्य अध्ययन का पाठ्यक्रम लगभग पूरा हो चुका है। विज्ञान, आधुनिक इतिहास, साहित्य व भूगोल विषयों के बारे में वर्तमान में विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। नि:शुल्क कोचिंग में प्रतिदिन औसतन 40 से 45 विद्यार्थी पढ़ने आते हैं।