भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल में कांग्रेस द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में किए गए प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पलटवार किय कि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस के झूठ और भ्रम की राजनीति बेनकाब हो गई है। हर पात्र नागरिक का मताधिकार सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की प्राथमिकता में शामिल रहता है। इसके बावजूद कांग्रेस लगातार जनता को भ्रमित करने और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर सवाल खड़े करने का प्रयास कर रही है। खेल मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेताओं को जनता के हितों की चिंता नहीं है, बल्कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को खुश करने के लिए वे राजनीतिक स्वांग रचने में लगे हैं। भोपाल में चुनाव आयोग के विरोध में किया गया प्रदर्शन इसी दिखावे की राजनीति का हिस्सा है। कांग्रेस को यदि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति है तो उसे तथ्यों और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए, न कि संवैधानिक संस्था के खिलाफ भ्रम का वातावरण बनाना चाहिए।
मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा भारत निर्वाचन आयोग देश की स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है। मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाए रखना निष्पक्ष चुनाव के लिए आवश्यक है। विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र नागरिकों का मताधिकार सुनिश्चित करने के साथ मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित और विश्वसनीय बनाना है। ऐसे महत्वपूर्ण विषय को राजनीतिक विवाद बनाकर कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रही है।
'कांग्रेस पर जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर बोलने कुछ नहीं'
सारंग ने कहा कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर बोलने के लिए कुछ नहीं है। गरीब, किसान, युवा, महिला, रोजगार और विकास के विषयों पर जनता के बीच जाने के बजाय कांग्रेस चुनाव आयोग और मतदाता सूची जैसे विषयों पर राजनीति कर रही है। कांग्रेस नेताओं को यह बताना चाहिए कि वे प्रदेश की जनता के लिए क्या करना चाहते हैं, लेकिन इसके बजाय वे अपने केंद्रीय नेतृत्व को खुश करने के लिए प्रदर्शन और बयानबाजी कर रहे हैं।
"कांग्रेस को राजनीतिक स्वांग छोड़ जनता के बीच जाना चाहिए", 'आत्ममंथन' करना होगा कि जनता ने उसे क्यों लगातार नकारा है"
शासन के कैबिनेट मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि कांग्रेस को पहले आत्ममंथन करना चाहिए कि जनता ने उसे लगातार क्यों नकारा है। अपनी राजनीतिक विफलताओं का कारण तलाशने के बजाय कांग्रेस हर बार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगती है। जनता कांग्रेस की इस राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है। केवल प्रदर्शन करने और भ्रम फैलाने से कांग्रेस जनता का विश्वास हासिल नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को खुश करने की राजनीति में कांग्रेस के प्रदेश नेता जनता के वास्तविक मुद्दों को भूल चुके हैं। उन्हें दिल्ली में बैठे अपने नेताओं की चिंता अधिक है, जबकि प्रदेश की जनता विकास, सुशासन और जनकल्याण चाहती है। कांग्रेस को राजनीतिक स्वांग छोड़कर जनता के बीच जाना चाहिए और जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। मंत्री सारंग ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहे और मतदाता सूची शुद्ध एवं पारदर्शी हो, यह लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। इसलिए कांग्रेस को चुनाव आयोग द्वारा स्पष्ट किए गए तथ्यों को स्वीकार करना चाहिए और जनता को भ्रमित करने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।
